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महुआ मोइत्रा के मुस्लिम अधिकारियों के साथ भेदभाव के आरोपों पर राजनीति गरड़ाई, भाजपा ने नकारा

महुआ मोइत्रा के मुस्लिम अधिकारियों के साथ भेदभाव के आरोपों पर राजनीति गरड़ाई, भाजपा ने नकारा

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा वरिष्ठ मुस्लिम अधिकारियों के साथ कथित भेदभाव के मामले में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय को पत्र लिखे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें सफेद झूठ करार दिया है, वहीं विपक्षी दलों ने इस मामले की गहन जांच की मांग उठाई है।

महुआ मोइत्रा के मुस्लिम अधिकारियों के साथ भेदभाव के आरोपों पर राजनीति गरड़ाई, भाजपा ने नकारा

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय को लिखा गया पत्र

सांसद महुआ मोइत्रा ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) के अल्पसंख्यक मुद्दों पर विशेष रैपॉचियर प्रो. निकोलस लेव्रात को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री के दौरों के दौरान तीन वरिष्ठ अधिकारियों—वकार रजा, जावेद शमीम और खलील अहमद—को या तो कार्यक्रमों से दूर रखा गया या उन्हें वहां से जाने के लिए कहा गया। मोइत्रा ने इस स्थिति को लेकर चिंता जताई और भारत सरकार को जवाबदेह ठहराए जाने की मांग की।

भारतीय जनता पार्टी की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी ने सांसद के इन तमाम आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि इस तरह के बेबुनियाद दावे करने का कोई औचित्य नहीं है और प्रशासन अपने कर्मचारियों का उपयोग कैसे करता है, यह पूरी तरह से सरकार और प्रशासन का निर्णय होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होता है।

विपक्ष ने की जांच की मांग

दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इन दावों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) के विधायक मुस्ताफिजुर रहमान ने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं, तो यह देश की संवैधानिक विरासत का उल्लंघन है। वहीं कांग्रेस नेता आशुतोष चक्रवर्ती ने कहा कि प्रशासनिक ढांचे में किसी भी प्रकार का धार्मिक पक्षपात नहीं होना चाहिए और चूंकि एक चुने हुए जनप्रतिनिधि ने यह गंभीर मुद्दा उठाया है, इसलिए इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि महुआ मोइत्रा ने इस मुद्दे को सबसे पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया था, जिसके बाद उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी और उन्हें पूछताछ के लिए भी बुलाया गया था।