भारतीय जनमानस में महात्मा गांधी की मौजूदगी और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य
महात्मा गांधी आज भले ही सक्रिय राजनीति से दूर नजर आते हों, लेकिन अहिंसा, सह-अस्तित्व और मानवीय संवेदनाओं के रूप में वे भारतीय समाज और जनमानस में गहराई से रचे-बसे हैं। [...]
महात्मा गांधी आज भले ही सक्रिय राजनीति से दूर नजर आते हों, लेकिन अहिंसा, सह-अस्तित्व और मानवीय संवेदनाओं के रूप में वे भारतीय समाज और जनमानस में गहराई से रचे-बसे हैं। [...]
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर उनके जीवन, संघर्ष और सिद्धांतों को याद किया जाता है। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को आजादी दिलाने वाले बापू का जीवन पूरी मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है। [...]
पंडित विजयशंकर मेहता के कॉलम के अनुसार, शास्त्रों में फेरबदल करने के बजाय उनकी उपयोगी बातों को सरल रूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाना चाहिए। [...]
भारतीय संस्कृति में वस्तुओं और रिश्तों के आंतरिक मूल्यों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। नई पीढ़ी को भौतिक चकाचौंध से आगे बढ़कर इनके वास्तविक और गहरे अर्थ को समझना सिखाना जरूरी है। [...]
समय के साथ दु:ख को लेकर इंसानी समझ में बदलाव आया है। फिल्मों और साहित्य के जरिए यह समझने की कोशिश की गई है कि कैसे पुराने दौर में दु:ख को जीवन का एक गहरा अनुभव माना जाता था। [...]
अमेरिका के सेंट लुइस शहर में आयोजित एक विवाह समारोह में भारतीय परंपराओं और हिंदी भाषा की अनूठी झलक देखने को मिली। हालांकि युवा ठीक से हिंदी नहीं बोल पाते थे, लेकिन हिंदी सिनेमा के गानों के प्रति उनका उत्साह गजब का था। [...]
जींद। सीआरएसयू एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद हरियाणा प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय नववर्ष विक्रम संवत्सर 2081 की पावन वेला में स्वागत नवागत उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रणपाल सिंह ने भारतीय नववर्ष की बधाई दी। कुलपति ने कहा कि [...]
पांच क्विटल फूलों से सजाया गया मंदिर सात सौ से अधिक तीर्थयात्री एवं स्थानीय श्रद्दालुजन कपाट बंद के समय मौजूद रहे। रूद्रप्रयाग/ देहरादून : 22 नवंबर। पंच केदारों में प्रसिद्ध द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर जी के कपाट शीतकाल हेतु आज बुद्धवार 22 नवंबर कार्तिक मास शुक्ल पक्ष दशमी [...]
श्री बदरीनाथ धाम यात्रा 2023 का हुआ समापन। श्री बदरीनाथ धाम: 20 नवंबर। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शनिवार 18 नवंबर को शीतकाल हेतु बंद हो गये । आज 20 नवंबर सोमवार दोपहर को श्रद्धालुओं को दर्शन देते हुए गढ़वाल स्काउट के बैंड के साथ रावल जी तथा आदि [...]
भगवान केदारनाथ शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान हो गए हैं। वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ बाबा केदार की भोगमूर्तियों को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया है। इस पावन दृश्य के सैकड़ों श्रद्धालु साक्षी बने। इस दौरान पूरा क्षेत्र बाबा के जयकारों से गूंज उठा। [...]