चम्पावत में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई मां नंदा-सुनंदा की प्राण-प्रतिष्ठा
उत्तराखंड के चम्पावत में मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के दौरान भव्य धार्मिक आयोजनों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी पावन क्रम में यहाँ मां नंदा-सुनंदा की नई प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा पूरी विधि-विधान और भारी उत्साह के साथ संपन्न हुई है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में एक अत्यंत भक्तिमय और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। चम्पावत में इन दिनों इस महोत्सव की धूम मची हुई है और दूर-दूर से भक्तगण अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

कदली वृक्षों को लाकर हुआ मूर्तियों का निर्माण
प्राण-प्रतिष्ठा के इस मुख्य धार्मिक आयोजन से पहले प्रतिमा निर्माण की विशेष प्रक्रिया पूरी की गई। इसके लिए रौरुयूड़ा क्षेत्र से कदली वृक्षों को बालेश्वर मंदिर लाया गया। इन विशेष पेड़ों को बीते शुक्रवार को देव डांगरों द्वारा पूरी परंपरा के साथ चिह्नित कर आमंत्रित किया गया था। इसके बाद शनिवार की सुबह करीब सात बजे देव डांगर बालेश्वर मंदिर से रौरुयूड़ा पहुँचे और वहाँ से कदली वृक्षों को बालेश्वर मंदिर तक लेकर आए। मंदिर पहुँचने वाले इस पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भव्य शोभा यात्रा निकाली और मार्ग में पुष्प तथा अक्षत की वर्षा करके अपनी आदर भावना प्रकट की।
धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना का आयोजन
बालेश्वर नौले में देव डंगरियों के पवित्र स्नान के बाद केले के इन पेड़ों से मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण किया गया। इसके पश्चात, समिति अध्यक्ष विजय वर्मा ने बताया कि निर्धारित शुभ मुहूर्त के अनुसार मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों की पूरी विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान पुरोहित दीपक कुलेठा, गिरीश कलौनी और विनोद पांडेय ने सभी धार्मिक अनुष्ठानों को कुशलतापूर्वक संपन्न कराया। पूजा-अर्चना के इस पवित्र कार्य में यजमान के रूप में प्रकाश चौधरी, मनमोहन बोहरा, एनडी गड़कोटी, विजय वर्मा और मयूख चौधरी ने भाग लिया। अनुष्ठान के अंत में मंदिर के महंत प्रकाश गिरी ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
