किताब और फिल्म का सफर: पर्दे पर आने से पहले रचना को पढ़ना क्यों है जरूरी
सिनेमा देखने से पहले मूल पुस्तक का अध्ययन करना अनुभव को कैसे बदल देता है? जानिए कैसे शब्दों और दृश्य माध्यम के बीच की यह प्रक्रिया कल्पना शक्ति को परिपक्व बनाती है। [...]
सिनेमा देखने से पहले मूल पुस्तक का अध्ययन करना अनुभव को कैसे बदल देता है? जानिए कैसे शब्दों और दृश्य माध्यम के बीच की यह प्रक्रिया कल्पना शक्ति को परिपक्व बनाती है। [...]
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली बॉक्सर लवलीना बोरगोहाईं की सफलता यह सिखाती है कि किसी भी खिलाड़ी की क्षमता पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। [...]
मुंबई पुलिस क्वार्टर में बच्चों के शोर से शुरू हुआ मामूली विवाद थाने तक पहुंच गया। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्यों हम अक्सर तात्कालिक झुंझलाहट को जीवन की प्राथमिकताओं से बड़ा मान लेते हैं। [...]
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज वैश्विक स्तर पर एक बड़ा भू-राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। हालांकि आईटी सेक्टर में बड़ी सफलता हासिल करने के बावजूद भारत इस तकनीक की दौड़ में पीछे नजर आ रहा है। [...]
महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए उनके विवाह की कानूनी उम्र बढ़ाकर 21 वर्ष करना एक दूरदर्शी कदम है। इससे बेटियों को आगे की पढ़ाई और आत्मनिर्भर बनने के अधिक अवसर मिल सकते हैं। [...]
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन और इंटरनेट के जरिए सूचनाओं की बाढ़ आ गई है। हालांकि, सही और गलत जानकारियों के बीच फर्क करना और डिजिटल विवेक अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। [...]
भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और महंगे इलाज के कारण करोड़ों लोगों के कर्ज में डूबने को एक बड़ी त्रासदी माना गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के लक्ष्यों के मुकाबले कम बजटीय आवंटन और सरकारी अस्पतालों की समस्याओं से आम जनता जूझ रही है। [...]
अमेरिका और चीन के बीच हुई हालिया उच्चस्तरीय बैठक ने वैश्विक कूटनीति में लेन-देन आधारित राजनीति की नई मिसाल पेश की है। इस स्थिति को देखते हुए भारत को अपने रणनीतिक और व्यावहारिक लक्ष्यों पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता है। [...]
भारतीय राजनीति के इतिहास में सरकारों के कार्यकाल का तीसरा साल अक्सर कठिन और चुनौतीपूर्ण दौर लेकर आता है। इस स्थिति से निपटने के लिए राजनीतिक नयापन और प्रशासनिक बदलावों को बेहद जरूरी माना गया है। [...]
पंडित विजयशंकर मेहता के कॉलम में जीवन से जुड़े कुछ अहम पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। इसमें बताया गया है कि किस प्रकार धैर्य और शांति से दूसरों की बात सुनकर उनका प्रिय बना जा सकता है। [...]