Search for:
  • Home/
  • उत्तराखंड/
  • नववर्ष पर सड़क सुरक्षा अभियान: परिवहन विभाग ने 830 वाहनों की जांच, 25 नशे में चालक गिरफ्तार

नववर्ष पर सड़क सुरक्षा अभियान: परिवहन विभाग ने 830 वाहनों की जांच, 25 नशे में चालक गिरफ्तार

नववर्ष पर सड़क सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग का सघन प्रवर्तन अभियान, 830 वाहनों की जांच

नववर्ष के अवसर पर पर्यटकों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा ओवर-स्पीडिंग एवं नशे का सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया।

इस विशेष अभियान के अंतर्गत जनपद देहरादून, हरिद्वार, टिहरी एवं उत्तरकाशी में कुल 830 वाहनों एवं चालकों की जांच की गई। जांच के दौरान ओवर-स्पीडिंग करते पाए जाने पर 227 वाहनों के चालान किए गए। वहीं नशे का सेवन कर वाहन चलाने के 25 मामलों में चालकों को गिरफ्तार कर पुलिस की सुपुर्दगी में सौंपा गया, साथ ही संबंधित वाहनों को सीज करते हुए नियमानुसार चालान की कार्रवाई की गई।

यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग द्वारा 02 बसों की यांत्रिक एवं भौतिक स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर उनकी फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई।

आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि नशे का सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत नियमानुसार की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अभियान के तहत सर्वाधिक कार्रवाई हरिद्वार जनपद में की गई, जहां:

  • 285 वाहनों की जांच की गई

  • 14 मामलों में नशे में वाहन चलाने पर कार्रवाई

  • 71 ओवर-स्पीडिंग चालान किए गए

अन्य क्षेत्रों में की गई कार्रवाई इस प्रकार रही:

  • रुड़की: 161 वाहनों की जांच, 08 नशे में वाहन चलाने के मामले, 47 ओवर-स्पीडिंग चालान

  • ऋषिकेश: 251 वाहनों की जांच, 01 नशे में वाहन चलाने का मामला, 30 ओवर-स्पीडिंग चालान

  • देहरादून: 51 वाहनों की जांच, 18 ओवर-स्पीडिंग चालान

  • विकासनगर: 31 वाहनों की जांच, 01 नशे में वाहन चलाने का मामला

  • टिहरी: 33 वाहनों की जांच, 01 नशे में वाहन चलाने का मामला, 17 ओवर-स्पीडिंग चालान

  • उत्तरकाशी: ओवर-स्पीडिंग के 15 मामलों में कार्रवाई

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इस प्रकार के सघन एवं सतत प्रवर्तन अभियान जारी रखे जाएंगे, ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके और आमजन सुरक्षित यात्रा कर सकें।