चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अगले पांच वर्षों में एक लाख अमेरिकी युवाओं को आमंत्रित किया
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घोषणा की है कि आने वाले पांच वर्षों में एक लाख अमेरिकी युवाओं को अध्ययन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए चीन आमंत्रित किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण घोषणा उन्होंने अपनी वाशिंगटन यात्रा के दौरान की। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच जन-सरोकार और आपसी संबंधों को मजबूत करना है।

युवाओं के लिए विशेष पहल
व्हाइट हाउस में दिए गए अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने कहा कि चीन-अमेरिका संबंधों की उम्मीदें दोनों देशों की जनता में निहित हैं और इसका भविष्य युवाओं के हाथों में है। इस नई घोषणा से पहले, साल 2023 में भी एक ऐसी ही योजना शुरू की गई थी, जिसके तहत पांच साल की अवधि में पचास हजार अमेरिकी युवाओं को चीन आमंत्रित करने का लक्ष्य रखा गया था। निर्धारित समय-सीमा से पहले ही इस लक्ष्य को इस साल पूरा कर लिया गया था।
द्वितीय विश्व युद्ध के इतिहास का स्मरण
अपने भाषण के दौरान चीनी नेता ने द्वितीय विश्व युद्ध के उस दौर को भी याद किया जब चीनी और अमेरिकी नागरिकों ने फासीवादी आक्रामकता के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की जनता इस ऐतिहासिक अध्याय को भूली नहीं है। इस अवसर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चीन और अमेरिका के साझा हितों और दोनों देशों के बीच सुरक्षा, तकनीकी और सुपरइंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
साझा इतिहास और आपसी सहयोग
डोल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी आक्रामकता के खिलाफ चीन की मदद करने में अमेरिका की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने फ्लाइंग टाइगर्स समूह और अमेरिकी मरीन द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ‘गंग हो’ (Gung Ho) वाक्यांश का भी जिक्र किया, जो मिलकर काम करने की भावना को दर्शाता है। दोनों नेताओं ने शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए साझा हितों पर काम करने पर जोर दिया।
