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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के तहत करोड़ों रुपये की मुआवजा राशि लावारिस

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के तहत करोड़ों रुपये की मुआवजा राशि लावारिस

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) और श्रम न्यायालयों (Labour Courts) के पास 172 मामलों में 3.24 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि अभी तक लावारिस पड़ी है। हाईकोर्ट द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है कि विभिन्न अदालतों में कुल 5.24 करोड़ रुपये जमा किए गए थे, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा यानी 3.24 करोड़ रुपये का भुगतान लाभार्थियों को नहीं हो पाया है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के तहत करोड़ों रुपये की मुआवजा राशि लावारिस

विभिन्न जिलों में लंबित मामलों की स्थिति

हाईकोर्ट के डेटाबेस के मुताबिक, यह आंकड़ा 170 मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल मामलों और दो श्रम न्यायालय के मामलों से जुड़ा हुआ है। इसमें से सबसे अधिक लावारिस राशि श्रीनगर जिले में है, जहां 1.07 करोड़ रुपये लंबित हैं। इसके बाद सांबा में 81.77 लाख रुपये और बडगाम में 44 लाख रुपये की राशि लावारिस स्थिति में है। वहीं, जम्मू जिले में 35.84 लाख रुपये का मुआवजा बकाया है, जिसमें एमएसीटी और श्रम न्यायालय दोनों के मामले शामिल हैं।

पुराने मामले और मुआवजे का कारण

इन लंबित मामलों में कई मामले साल 2013, 2016 और उसके बाद के वर्षों के हैं। जानकारों के अनुसार, मुआवजा राशि जमा होने के बाद भी कई बार दस्तावेज पूरे न होने, कानूनी वारिसों के बीच विवाद, पता बदलने या प्रक्रियागत औपचारिकताओं की जानकारी न होने के कारण यह राशि लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाती है।

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विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में लाभार्थियों की पहचान करने और उन्हें आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में मदद करने के लिए एक बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि पात्र लोगों तक उनका हक समय पर पहुंच सके।