पति के बलिदान के एक दशक बाद भी परंपरा निभा रही हैं राजस्थान की मीना
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के ढीगल गांव की रहने वाली मीना अपने शहीद पति की याद में हर साल करवा चौथ का व्रत रखती हैं। उनके पति अजय सिंह चौधरी ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था, लेकिन इस बात से भली-भांति वाकिफ होने के बावजूद कि उनके पति कभी वापस नहीं लौटेंगे, वह पिछले दस वर्षों से लगातार इस परंपरा का पालन कर रही हैं।

शहीद पति की याद में अटूट निष्ठा
भारतीय सेना के जवान अजय सिंह चौधरी ने साल 2016 में कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। वह साल 2010 में सेना में शामिल हुए थे और कॉप्स ऑफ सिग्नल्स में रेडियो ऑपरेटर के रूप में सेवाएं दे रहे थे। मरणोपरांत उन्हें सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। उनके जाने के बाद से मीना के जीवन में उनकी कमी हमेशा बनी रही, लेकिन उनके प्रति आदर और प्रेम में कोई कमी नहीं आई है।

तस्वीर को देखकर खोलती हैं व्रत
करवा चौथ के दिन जहां सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला उपवास रखती हैं, वहीं मीना के लिए यह पर्व उनकी यादों को संजोने और उनके साथ बिताए पलों को याद करने का जरिया बन गया है। जब चांद निकलता है, तो वह सेना की वर्दी में मुस्कुराते हुए अपने पति की तस्वीर को देखकर व्रत का पारण करती हैं। उनका मानना है कि उनके पति हमेशा उनके साथ हैं और देश के लिए जान न्यौछावर करने वाला व्यक्ति उनके लिए भगवान के समान है, इसलिए वह जीवनभर यह व्रत जारी रखेंगी।
