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चारधाम यात्रा 2026: दर्शन व्यवस्था व श्रद्धालु सुविधाओं पर मुख्य सचिव का जोर

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान की समीक्षा कर चारधाम यात्रा 2026 के लिए बेहतर दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालु सुविधाओं के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा को सुगम एवं श्रद्धालु–अनुकूल बनाने पर जोर

मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण व बद्रीनाथ मास्टर प्लान कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण एवं बद्रीनाथ मास्टर प्लान से संबंधित कार्यों की समीक्षा हेतु संबंधित विभागों एवं जिलाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि केदारनाथ एवं बद्रीनाथ में यात्रा मार्ग, दर्शन व्यवस्था और अन्य सुविधाओं से जुड़ी व्यवहारिक समस्याओं की पहचान कर उनका समयबद्ध समाधान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा की शुरुआत से लेकर सुरक्षित वापसी तक एक सुखद एवं संतोषजनक अनुभव मिलना चाहिए, इसके लिए सभी विभागों को उच्च स्तर की तैयारी सुनिश्चित करनी होगी।

दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को दर्शन टोकन प्रदान करते समय मंदिर में वर्तमान में चल रहे दर्शन क्रमांक की जानकारी डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित की जाए। इसके साथ ही टोकन लेते समय श्रद्धालुओं को दर्शन में लगने वाले संभावित समय की भी स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के लिए इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।

दिव्यांग एवं वरिष्ठ श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएँ

मुख्य सचिव ने व्हीलचेयर पर निर्भर एवं चलने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए गोल्फ कार्ट और ऑल-टेरेन व्हीकल (ATV) जैसी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी श्रद्धालु असुविधा महसूस न करे।

सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने के निर्देश

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक एवं उपयुक्त जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थलों पर साइनैज एवं क्यूआर कोड आधारित सूचना पटल लगाए जाने के निर्देश दिए गए। इन माध्यमों से दर्शन व्यवस्था, मार्ग, चिकित्सा सहायता, शौचालय, पार्किंग एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रमाणित गाइड व्यवस्था पर कार्ययोजना

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए सर्टिफाइड गाइड व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। इसके लिए पर्यटन विभाग को गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए।

रोपवे संचालन के दृष्टिगत अग्रिम तैयारियाँ

मुख्य सचिव ने कहा कि केदारनाथ रोपवे के संचालन के बाद केदारनाथ मंदिर परिसर, गौरीकुंड एवं सोनप्रयाग में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए अभी से आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने केदारनाथ मंदिर परिसर के क्षेत्र विस्तार तथा गौरीकुंड एवं सोनप्रयाग में पार्किंग एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए अतिरिक्त भूमि की संभावनाओं का परीक्षण करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में सचिव डॉ. वी. षणमुगम, सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।