झारखंड में सड़क न होने के कारण शव को कंधे पर ले जाने की घटना पर जयराम महतो ने जताई गहरी नाराजगी
गुमला जिले के जारी इलाके में सड़क संपर्क न होने की वजह से एक शव को कंधे पर ढोकर ले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी हालातों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।

सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव शर्मनाक
जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि राज्य गठन के इतने वर्षों बाद भी यदि किसी ग्रामीण क्षेत्र में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव है और लोगों को शव तक कंधे पर ढोकर ले जाना पड़ रहा है, तो यह बेहद चिंताजनक और शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने राज्य के अब तक के विकास कार्यों और व्यवस्था की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
नौकरशाही और विकास के दावों पर सवाल
विधायक ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन में नौकरशाही का दबदबा काफी बढ़ गया है और एसी कमरों में बैठकर नीतियां बनाई जा रही हैं, जिनका जमीन पर वास्तविक असर नहीं दिख रहा। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से भले ही धनी हो, लेकिन इसका वास्तविक लाभ यहां के आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में नहीं दिख रहा है। राज्य के लोगों के जीवन में समृद्धि लाना और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस प्रकार की घटनाएं ग्रामीण भारत और देश के कई हिस्सों में सड़क, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लाचार होने की ओर इशारा करती हैं। स्थानीय स्तर पर इन व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कड़े प्रशासनिक और राजनीतिक कदमों की आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी अमानवीय परिस्थितियों का सामना आम लोगों को न करना पड़े।
