गोपालगंज में चक्रवाती तूफान का असर, बारिश और तेज हवा से फसलें बर्बाद
गोपालगंज जिले में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से पिछले कई घंटों से लगातार रुक-रुककर बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। इस खराब मौसम के चलते खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पिछले 36 घंटों से जारी इस मौसम के मिजाज ने जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। हवा की रफ्तार तेज रहने से तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को अचानक बढ़ी हुई ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

फसलों को भारी नुकसान और रुकी कटाई
अत्यंत तेज हवाओं और लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जिले के बैकुंठपुर, सिधवलिया, मांझा, बरौली, कुचायकोट, फुलवरिया, हथुआ और गोपालगंज सदर सहित कई प्रखंडों में धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई है। इसके अलावा काटकर खेतों में छोड़ी गई फसल भी बारिश के पानी में भीग रही है। कई खेतों में पानी भर जाने के कारण धान की कटनी और दवनी का काम पूरी तरह रुक गया है। किसानों के अनुसार करीब 240 हेक्टेयर में धान और 70 एकड़ में गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। खेतों में अधिक नमी और जलजमाव होने के कारण सरसों, मटर और आलू जैसी रबी फसलों की बुवाई का काम भी पिछड़ गया है, जिससे किसानों के सामने दोहरी चिंता खड़ी हो गई है।
तापमान में गिरावट और जनजीवन प्रभावित
खराब मौसम और लगातार चलती ठंडी हवाओं के चलते शुक्रवार को इस सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच बहुत कम अंतर रहने के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ और उन्हें गर्म कपड़े पहनने पड़े। मौसम की इस मार का असर बाजारों, स्कूलों और निर्माण कार्यों पर भी साफ तौर पर दिखाई दिया। लगातार बारिश और रास्तों पर कीचड़ जमने के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही काफी कम रही। इसके अलावा खेती और निर्माण कार्य से जुड़े दैनिक मजदूरों को भी समय पर काम नहीं मिल पाया, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हुई। मौसम विभाग के अनुसार जल्द ही इस चक्रवाती तूफान का प्रभाव कम होने और स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
