डिनर टेबल से लेकर फूड इंडस्ट्री तक, तेजी से बदल रहा है खाने का यह नया अंदाज
खान-पान की दुनिया में अब केवल स्वाद ही मायने नहीं रखता, बल्कि भोजन मुंह के अंदर कैसा अनुभव कराता है, यह भी उतना ही जरूरी हो गया है। हाल ही में करजत के एक फार्म हाउस पर कुक द्वारा तैयार किए गए डिजाइनर पालक के पत्तों के स्नैक ने इस बात को साबित कर दिया कि सजावट और बनावट किस तरह खाने के अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है।

डिजाइनर फूड का बढ़ता हुआ क्रेज
जब किसी स्नैक को करीने से सजाया जाता है और उसपर रंग-बिरंगी चटनी, दही और अनार के दाने डाले जाते हैं, तो वह खाने वाले के मुंह में पानी लाने के लिए काफी होता है। इस तरह के फूड आइटम्स का मुख्य उद्देश्य सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि खाने वाले के मुंह में एक खास अहसास पैदा करना है। आज के समय में लोग ऐसे व्यंजनों की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, जो दिखने में आकर्षक हों और खाने पर एक अलग तरह का टेक्सचर दें।
टेक्सचर क्यों बन रहा है अहम हिस्सा?
फूड इंडस्ट्री में अब टेक्सचर केवल एक सह-विशेषता नहीं, बल्कि खाने की गुणवत्ता तय करने वाला प्रमुख पैमाना बन गया है। क्रिस्पी स्नैक्स, झागदार कॉफी, नट्स वाली आइसक्रीम और कुकीज से रिसती स्टफिंग लोगों को काफी पसंद आ रही है। समोसे के टूटने की आवाज हो या पानीपूरी का फूटकर मुंह में घुलना, ये तमाम अनुभव खाने के मजे को कई गुना बढ़ा देते हैं। लोग अब स्वाद के साथ-साथ यह भी याद रखते हैं कि उनका भोजन मुंह में जाने पर कैसा महसूस हुआ था।

‘ATATA’ फॉर्मूला और नया फूड ट्रेंड
बाजार में वेंडर्स अब एक खास ‘ATATA’ फॉर्मूला अपना रहे हैं, जो ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहा है। इसमें अट्रैक्शन, टेक्सचर, अरोमा, टेस्ट और आफ्टर टेस्ट यानी खाने के बाद उसकी यादें शामिल हैं। यही वजह है कि आज के खान-पान के दौर में रूप-रंग और बनावट का यह अनूठा संगम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
