दिल्ली कोर्ट ने भ्रष्टाचार के एक मामले में सुकेश चंद्रशेखर को रिहा करने का दिया आदेश
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 2017 के एक भ्रष्टाचार मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर को रिहा करने का आदेश जारी किया है। हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज अन्य कई मामलों के पेंडिंग रहने के कारण वह फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे।

अदालत का फैसला और सजा की अवधि
विशेष न्यायाधीश (पीसी अधिनियम) विद्या प्रकाश ने अपने फैसले में कहा कि चंद्रशेखर इस मामले में उन अपराधों के लिए अधिकतम तय सजा से अधिक समय तक जेल में बंद रह चुके हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं, तो उन्हें इस मामले के मुकदमे के दौरान हिरासत में न रखकर तुरंत रिहा किया जाए।
न्यायाधीश के अनुसार, सुकेश ने इस मामले के तहत आठ साल से ज्यादा का समय सलाखों के पीछे बिता दिया है, जबकि इन आरोपों के लिए अधिकतम सात साल की सजा का प्रावधान है।
अन्य मामले और अभियोजन पक्ष का रुख
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि सुकेश पर कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं और वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं। यही वजह है कि अन्य मुकदमों के लंबित होने के कारण वह जेल से रिहाई नहीं पा सकेंगे।
मामले की पृष्ठभूमि
सुकेश चंद्रशेखर को 16 अप्रैल 2017 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने जुलाई 2018 में उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। नवंबर 2018 में पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में आरोप तय किए थे। उन पर चुनाव आयोग से पार्टी का चुनाव चिन्ह दोबारा प्राप्त कराने के लिए कथित तौर पर 50 करोड़ रुपये की डील कराने का आरोप है। इसके अलावा, क्राइम ब्रांच ने उनकी तलाशी के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और हवाला लेनदेन से जुड़े सबूत भी बरामद किए थे।
