अरुणाचल प्रदेश में सियांग पावर प्रोजेक्ट के विरोध प्रदर्शन के बाद हिंसा, पासीघाट में लगी पाबंदियां
अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, सरकार ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून व्यवस्था को हाथ में लेना और सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।

पूर्वी सियांग जिले में प्रस्तावित इस विशाल जलविद्युत परियोजना के विरोध में आहूत बंद के दौरान स्थिति काफी हद तक शांतिपूर्ण रही थी, लेकिन बंद समाप्त होने के बाद पासीघाट में अचानक हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों की ओर से कथित तौर पर पथराव किए जाने के कारण कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके अलावा, एक पुलिस थाने और एनएचपीसी (NHPC) के कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया। भीड़ ने कई राजनीतिक नेताओं के आवासों पर भी हमला किया, जिनमें राज्य के भाजपा अध्यक्ष, पूर्व विधायक कलिंग मोयोंग और पासीघाट पश्चिम के विधायक निनोंग एरिंग के घर शामिल हैं। विधायक ओनी पैन्यांग के आवास में भी तोड़फोड़ और लूटपाट की खबरें सामने आई हैं।
चर्चा और संवाद के लिए तैयार है सरकार
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि उनकी सरकार इस परियोजना से जुड़े सभी संगठनों और समुदायों के साथ बातचीत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रशासन परियोजना के संभावित लाभों, इसके नकारात्मक प्रभावों और स्थानीय लोगों की चिंताओं पर खुलकर चर्चा करने को प्राथमिकता देता है। सरकार ने स्थानीय संगठनों और प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है ताकि सभी शंकाओं का समाधान किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं और संबंधित विभागों के अधिकारी नागरिकों की चिंताओं को दूर करने के लिए किसी भी सुविधाजनक स्थान पर बैठक करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी तरह के मतभेद को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए, न कि ऐसी गतिविधियों से जो आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को खतरे में डालें।
प्रशासन ने लागू की पाबंदियां
हिंसा की वारदातों के बाद पूर्वी सियांग जिला प्रशासन ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पासीघाट, मेबो और रुक्सिन क्षेत्रों में कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया गया है।
- किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है।
- सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, हिंसा फैलाने और डराने-धमकाने वाली गतिविधियों पर पूरी पाबंदी है।
- सुरक्षा बलों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति द्वारा हथियार, लाठी, तीर-कमान, चाकू या अन्य घातक वस्तुएं लेकर चलने पर प्रतिबंध है।
- किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली या सभा के आयोजन के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये एहतियाती कदम उठाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
