श्रावस्ती में रामलीला के दौरान हुआ रामकलेवा प्रसंग का मंचन, महिलाओं ने गाए पारंपरिक गीत
श्रावस्ती जिले के कटरा कस्बे में स्थित श्रीराम जानकी मंदिर बड़की कुट्टी में इन दिनों रामलीला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के छठे दिन रामकलेवा प्रसंग का सुंदर और भावपूर्ण मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस धार्मिक आयोजन ने दर्शकों को भारतीय लोक परंपरा और संस्कृति की अनूठी झलक दिखाई।

सीताराम विवाह और भव्य बारात का आयोजन
रामकलेवा के इस विशेष कार्यक्रम से पहले बुधवार रात को सीताराम विवाह और भगवान राम की भव्य बारात निकाली गई। भगवान राम की बारात ई-रिक्शा पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंची, जिसका स्वागत करने के लिए पूरी मिथिलापुरी को बेहद खूबसूरती से सजाया गया था। बारात को देखकर वहां मौजूद सभी भक्त भावविभोर हो गए और लगातार भगवान के जयकारे लगाते रहे।
कलेवा की रस्म और पारंपरिक गीत
रामलीला के दौरान सबसे आकर्षक पल वह रहा जब कलेवा की रस्म के समय भगवान रूठ गए और उन्हें मनाने के लिए भक्तों ने मनुहार शुरू की। करीब एक घंटे तक चली मिन्नतों के बाद भगवान कलेवा खाने के लिए राजी हुए। इस अवसर पर लखीमपुर खीरी से आई राजा राम सवारिया मंडली और स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक गारी और मांगलिक गीतों की प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
अयोध्या में उत्सव और राजतिलक की घोषणा
मिथिला से विदाई के बाद राजा दशरथ और चारों भाई बारात के साथ अयोध्या लौट आए, जहां भव्य उत्सव मनाया गया। इसके बाद राजा दशरथ ने अपने वृद्धावस्था को ध्यान में रखते हुए गुरु वशिष्ठ और मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श किया। विचार के पश्चात श्रीराम के राजतिलक की घोषणा की गई, जिसके बाद पूरे पूजा पंडाल में जय श्री राम के गगनभेदी नारे गूंज उठे।
