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पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के नए कार्य को लेकर बीएलओ की बढ़ी चिंताएं

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के नए कार्य को लेकर बीएलओ की बढ़ी चिंताएं

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के नए निर्देशों के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को उन योग्य मतदाताओं की पहचान करने का जिम्मा सौंपा गया है जिनके नाम हालिया विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसे मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने में सहायता करना है। हालांकि, इस नए कार्य के बाद राज्य के बीएलओ और सरकारी कर्मचारियों के बीच तनाव और चिंताएं बढ़ती हुई नजर आ रही हैं।

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के नए कार्य को लेकर बीएलओ की बढ़ी चिंताएं

अतिरिक्त कार्यभार और परेशानियां

पोलिंग स्टाफ और बीएलओ यूनिटी फोरम के एक पदाधिकारी ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के ठीक बाद बीएलओ को एक बार फिर से मतदाता सूची से जुड़े कार्य में लगा दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें मौजूदा मतदाता सूची की तुलना एसआईआर से पहले की सूची से करनी होगी और उन नामों को छांटना होगा जो सूची से हट गए हैं। इसके साथ ही, शिक्षकों और अन्य सरकारी कर्मचारियों को जनगणना से जुड़े कर्तव्यों के साथ-साथ अपने नियमित दायित्वों को भी संभालना पड़ रहा है।

स्कूल के काम और सर्वे का दबाव

शिक्षक के रूप में कार्यरत बीएलओ के लिए यह अतिरिक्त कार्यभार बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। उन्हें कक्षाओं में शिक्षण कार्य, परीक्षाओं की तैयारी, प्रश्नपत्र तैयार करने और अन्य स्कूल कार्यों के बीच हर हफ्ते 20 से 25 मतदाताओं के घरों का सर्वे करने तथा तय समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा अपलोड करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पूजा की छुट्टियों के ठीक बाद अंतिम परीक्षाएं होने के कारण इस समय सीमा और काम के दबाव से कर्मचारियों पर मानसिक तथा शारीरिक तनाव काफी बढ़ गया है।

चुनाव आयोग की प्रक्रिया और फॉर्म 6

दूसरी ओर, चुनाव आयोग का यह स्पष्ट कहना है कि मतदाता पंजीकरण एक निरंतर प्रक्रिया है, और जिन नागरिकों के नाम सूची में नहीं आ सके हैं, उन्हें पंजीकरण का अवसर मिलना चाहिए। इस अभियान के तहत बीएलओ पूर्व की मतदाता सूची का मिलान वर्तमान सूची से करके उन लोगों की स्थिति का सत्यापन करेंगे जो पहले शामिल थे लेकिन अब सूची में नहीं हैं। इसके बाद योग्य मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 भरने में सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ भी इन पहचाने गए मतदाताओं का विवरण साझा किया जाएगा।