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उत्तराखंड: कृषि और उद्यान योजनाओं पर सवाल, स्वतंत्र जांच की मांग

उत्तराखंड: कृषि और उद्यान योजनाओं पर सवाल, स्वतंत्र जांच की मांग

उत्तराखंड के कृषि और उद्यान विभाग से जुड़ी योजनाओं में खरीद, अनुदान और भुगतान को लेकर किसान मंच ने सरकार और विभाग के शीर्ष स्तर को खुली चुनौती दी है। किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष कार्तिक उपाध्याय ने कहा है कि विभाग की विभिन्न योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।

उत्तराखंड: कृषि और उद्यान योजनाओं पर सवाल, स्वतंत्र जांच की मांग

सरकारी दस्तावेजों के आधार पर जांच की मांग

किसान मंच का दावा है कि उनके पास कृषि और उद्यान विभाग की योजनाओं से जुड़े ऐसे दस्तावेज मौजूद हैं, जिनके आधार पर सरकारी धन के दुरुपयोग और राजस्व चोरी की आशंका जताई जा सकती है। मंच ने मांग की है कि बीज एवं सामग्री खरीद, अनुदान वितरण, लाभार्थी चयन, डीबीटी (DBT), और फर्मों को किए गए भुगतानों की समग्र जांच होनी चाहिए।

सरकार और अधिकारियों को खुली चुनौती

मंच के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी और विभागीय अधिकारियों से कहा है कि यदि उनके आरोप गलत हैं, तो सरकार अपने आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ सामने आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी मंच पर अपने दस्तावेज रखने के लिए तैयार हैं ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।

उत्तराखंड: कृषि और उद्यान योजनाओं पर सवाल, स्वतंत्र जांच की मांग

सार्वजनिक धन के हिसाब की मांग

किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि किसानों के नाम पर खर्च होने वाले एक-एक रुपये का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। यह पता लगाया जाना आवश्यक है कि बजट का उपयोग किस प्रकार हुआ, सामग्री की गुणवत्ता की जांच कैसे की गई और इसका वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचा या नहीं।