युवराज सिंह मंडाना हत्याकांड: शादी की तैयारियों के बीच रहस्यमय मौत और परिवार के गंभीर सवाल
दिल्ली के रहने वाले 31 वर्षीय युवराज सिंह मंडाना की हत्या के मामले में एक पूर्व सहकर्मी और उसके पति को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है। युवराज की कुछ ही हफ्तों में शादी होने वाली थी और परिवार में जश्न की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन एक मीटिंग के लिए घर से निकलने के बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। पुलिस जांच में करोड़ों रुपये के वित्तीय विवाद की बात सामने आई है, जिसके चलते इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं
युवराज की बहन करिश्मा ने बताया कि घटना से पहले उन्होंने परिवार के साथ Lajpat नगर में अपनी शादी की शेरवानी फाइनल की थी। इसके बाद वह एक पूर्व महिला सहकर्मी के साथ मीटिंग का कहकर निकले थे। परिवार के अनुसार, इसके बाद युवराज की ओर से केवल मोबाइल पर संदेश आए जिनमें कहा गया कि वह ठीक हैं और जल्द लौट आएंगे। हालांकि, जब वह घर नहीं लौटे और उनके फोन से संपर्क टूट गया, तो परिवार ने चिंता जताते हुए पुलिस से संपर्क किया। युवराज के परिवार में उनके बीमार माता-पिता हैं जिनकी जिम्मेदारी वही संभालते थे।
पुलिस जांच और गिरफ्तारियां
दिल्ली पुलिस की तकनीकी निगरानी और जांच के बाद मुख्य संदिग्धों की लोकेशन उत्तराखंड में मिली, जहां वे एक पीजी में रह रहे थे। पुलिस ने पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उनके पति संयम सचदेवा को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि युवराज की हत्या करने के बाद उनके शव को गुरुग्राम के एक नाले में फेंक दिया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तीनों ने पहले एक रियल एस्टेट कंपनी में एक साथ काम किया था और दोनों पक्षों के बीच करोड़ों रुपये का वित्तीय विवाद चल रहा था।
शव मिलने और अंतिम संस्कार पर परिवार के सवाल
परिवार का आरोप है कि गुरुग्राम पुलिस ने 10 सितंबर को ही एक नाले से अज्ञात शव बरामद कर लिया था, लेकिन उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई। परिवार का दावा है कि पुलिस ने बिना उनकी जानकारी के 14 सितंबर को शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। परिजनों को इस बात की जानकारी तब मिली जब उन्होंने दिल्ली पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई और आगे की जांच शुरू हुई। परिवार अब इस बात को लेकर जवाब मांग रहा है कि बिना किसी सूचना और उचित प्रक्रिया के शव का अंतिम संस्कार क्यों किया गया।
आगे की कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं, वित्तीय लेन-देन और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी गहराई से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा होने की उम्मीद है।
