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यमुनोत्री धाम में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं और आय के बीच बदहाल व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

यमुनोत्री धाम में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं और आय के बीच बदहाल व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

उत्तराखंड के प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम में इस यात्रा सीजन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली है, जिससे मंदिर समिति की आय में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। 18 सितंबर तक विभिन्न माध्यमों से हुई कुल आय करीब 60 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, जबकि अब तक लगभग 7.20 लाख श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं।

यमुनोत्री धाम में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं और आय के बीच बदहाल व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

बढ़ी हुई आमदनी और श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड

मंदिर समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, इस बार धाम में आने वाले यात्रियों और समिति की वित्तीय स्थिति दोनों के आंकड़े नए आयाम छू रहे हैं। यात्रा सीजन के अभी और आगे बढ़ने की उम्मीद है, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। इस रिकॉर्ड आमद से स्थानीय कारोबारियों और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है, क्योंकि इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिली है।

जानकीचट्टी से यमुनोत्री मार्ग और सुविधाओं की चुनौती

रिकॉर्ड आमदनी और भीड़ के बीच जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक के पैदल मार्ग की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लगातार बढ़ रहे यात्रियों के दबाव के कारण रास्ते में विश्राम स्थलों, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सहायता और शौचालयों जैसी बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्तता पर ध्यान देना आवश्यक हो गया है। विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार यात्रियों को लंबी पैदल यात्रा के दौरान पेश आने वाली परेशानियों से राहत दिलाने के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग उठ रही है।

यमुनोत्री धाम में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं और आय के बीच बदहाल व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

यमुनोत्री हाईवे के डेंजर जोन और सुरक्षा

पैदल मार्ग के साथ-साथ यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत भी चिंता का विषय बनी हुई है। मार्ग के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हैं और कुछ स्थानों पर खतरनाक जोन बन चुके हैं। यात्रा के दौरान वाहनों और यात्रियों का भारी दबाव होने के कारण इन संवेदनशील हिस्सों पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिससे प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।