पश्चिम बंगाल की खदान में फँसे 12 मजदूर, लिफ्ट प्रणाली खराब होने से बढ़ा संकट
पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में स्थित एक कोयला खदान के भीतर लगभग पचास मीटर की गहराई में बारह मजदूर फँस गए हैं। यह दुर्घटना लिफ्ट प्रणाली में आई तकनीकी खराबी के कारण हुई, जिससे कामगारों को लाने-ले जाने वाली पिंजरा व्यवस्था बाधित हो गई।

यह घटना ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) द्वारा संचालित कुमरडिही भूमिगत खदान में सामने आई है। पुली ड्रम से रस्सी फिसलने के कारण मजदूरों को आवागमन के लिए इस्तेमाल होने वाला तंत्र ठप पड़ गया। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने बचाव कार्यों की शुरुआत कर दी है। लंबे समय तक खदान के भीतर फँसे रहने के कारण कामगारों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस ताजा मामले ने खदान प्रशासन की सुरक्षा प्रणालियों और यांत्रिक रखरखाव के तौर-तरीकों पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है और भीतर फँसे लोगों से संपर्क बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार खदान के भीतर फँसे व्यक्तियों तक भोजन और पानी पहुँचाए जाने की बात कही गई है, जबकि उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर परिजनों में गहरी बेचैनी बनी हुई है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस खदान में लिफ्ट से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें या फँसने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। खदान में काम करने वाले साथियों और परिजनों की निगाहें अब पूरी तरह से राहत दल के अगले कदमों पर टिकी हैं, ताकि सभी सुरक्षित बाहर आ सकें।
