वाराणसी में चार दिवसीय आश्विन नाट्य महोत्सव का शानदार आगाज, ‘आदिम अनंत कथा’ का हुआ मंचन
वाराणसी में चार दिवसीय आश्विन नाट्य महोत्सव का भव्य और सुंदर आरंभ हुआ है। महोत्सव के पहले दिन नागरी नाटक मंडली के प्रेक्षागृह में ‘आदिम अनंत कथा’ नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया, जिसमें मानवीय संवेदनाओं और आंतरिक संघर्षों को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया। कलाकारों के सशक्त अभिनय और बेहतरीन निर्देशन ने वहां मौजूद दर्शकों को पूरी तरह से बांधे रखा। इस नाटक का निर्देशन अर्पित शिधोरे ने किया था, जबकि इसका लेखन स्मृति द्वारा किया गया था।

नाट्य महोत्सव का मुख्य उद्देश्य और परंपरा
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों और वक्ताओं ने काशी की समृद्ध और जीवंत रंगमंचीय परंपरा पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज, संस्कृति और मानवीय भावनाओं को व्यक्त करने का एक बेहद सशक्त माध्यम है। आश्विन नाट्य महोत्सव का मुख्य उद्देश्य काशी की इस पुरानी सांस्कृतिक परंपरा को प्रोत्साहित करना, रंगकर्मियों को एक सार्थक मंच प्रदान करना और नाट्य कला के जरिए समाज व संस्कृति के बीच संवाद को और अधिक मजबूत करना है। इस आयोजन के माध्यम से काशी के रंगमंच को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को रंगकला से जोड़ने का भी निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और संचालन
नाट्य महोत्सव का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से दीप जलाकर किया गया। इस उद्घाटन अवसर पर नागरी नाटक मंडली न्यास के अध्यक्ष डॉ. संजय मेहता, डॉ. अजीत सैगल, भाजपा काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष अनिल कुमार श्रीवास्तव और दीपक शर्मा समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने किया, जिन्होंने अपनी बेहतरीन शैली से उद्घाटन समारोह और नाट्य प्रस्तुति के बीच एक सुंदर और प्रभावशाली तालमेल स्थापित किया। दर्शकों और अतिथियों ने इस सांस्कृतिक आयोजन की सराहना करते हुए इसके उद्देश्यों को समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
