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सुप्रीम कोर्ट ने 1.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में महिला को दी अग्रिम जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने 1.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में महिला को दी अग्रिम जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने एक दशमलव तीन शून्य करोड़ रुपये के धोखाधड़ी से जुड़े मामले में एक महिला को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। शीर्ष अदालत ने राहत देते हुए यह रेखांकित किया कि आरोपी महिला पुलिस जांच में लगातार सहयोग कर रही है। न्यायमूर्ति जेबी पार्डीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने इस कानूनी मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

सुप्रीम कोर्ट ने 1.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में महिला को दी अग्रिम जमानत

क्या है पूरा मामला और आरोप

इस मामले में आरोपी महिला निधि नेहरा शर्मा पर यह गंभीर आरोप लगाया गया था कि उसने कंपनी की देनदारियों को चुकाने का झांसा दिया। आरोप के मुताबिक, उसने एक व्यक्ति को गलत और भ्रामक जानकारी देकर बड़ी मात्रा में राशि ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उस धनराशि का उपयोग अपने निजी लाभ के लिए किया गया तथा शिकायतकर्ता को गुमराह करने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया।

पुलिस में दर्ज धाराएं और कानूनी कार्रवाई

अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, बुलवार्क फैसिलिटीज मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित एक व्यावसायिक विवाद के बाद शर्मा और अन्य सह-आरोपियों ने यह दावा किया था कि वे कंपनी की बकाया देनदारियों का निपटारा कराने में सक्षम हैं। इसी सिलसिले में वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन के भीतर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से जुड़े आरोप शामिल हैं।

  • शीर्ष अदालत ने जांच में सहयोग को बनाया आधार
  • वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में दर्ज थी एफआईआर
  • फर्जी दस्तावेजों के जरिए ठगी का लगाया गया था आरोप

शीर्ष अदालत के इस फैसले से आरोपी महिला को बड़ी राहत मिली है। अदालत की इस कार्यवाही और अग्रिम जमानत के आदेश के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।