पिथौरागढ़ के मड़मानले मेले में नहीं उठा भगवान जगन्नाथ का डोला, श्रद्धालुओं में निराशा
पिथौरागढ़ के प्रसिद्ध मड़मानले मेले में भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं को इस बार भी निराशा हाथ लगी है। पारंपरिक रूप से आयोजित इस एक दिवसीय मेले में भक्तों ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और अपने परिवारों की सुख-समृद्धि की कामना की। हालांकि, डोला न उठने के कारण श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने से वंचित रह गए।

अशुद्धि के कारण नहीं उठा डोला
धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय परंपरा के अनुसार, डोला न उठने के पीछे गांवों में अशुद्धि होना बताया जा रहा है। स्थिति ऐसी रही कि कुछ गांवों के लोग अशुद्धि के कारण इस पारंपरिक मेले में शामिल भी नहीं हो सके। गौर करने वाली बात यह है कि बीते वर्ष भी इसी प्रकार की समस्या सामने आई थी, जब भगवान जगन्नाथ का डोला नहीं उठ सका था।
श्रद्धालुओं में उत्साह और मेले का आयोजन
भले ही डोला न उठ पाने से मायूसई छाई हो, लेकिन मड़मानले क्षेत्र में इस मेले को लेकर लोगों के बीच भारी उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही दूर-दूर से श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में बाहरी लोग भी भगवान के दर्शन की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। मंदिर के पुजारी दीवान सिंह धामी द्वारा धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई।
सांस्कृतिक महत्व और आयोजन में सहयोग
ग्राम प्रधान सुनीता देवी और मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंवर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि यह मेला पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। ऐसे आयोजन समाज को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़े रखते हैं। मेले को आकर्षक और सफल बनाने के लिए स्थानीय दुकानदारों के अलावा बाहरी व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें सजाईं। इस आयोजन को सफल बनाने में रमेश कोहली, चंचल धामी, जोगा सिंह धामी, नरेन्द्र सिंह धामी और गणेश खनका सहित कई अन्य लोगों का विशेष सहयोग रहा।
