दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद को बेदखली नोटिस पर ओवैसी ने जताई चिंता, केंद्रीय मंत्री से की हस्तक्षेप की मांग
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नई दिल्ली की ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को कथित तौर पर बेदखली का नोटिस मिलने के बाद इस पर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इस स्थिति पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।

वक्फ बोर्ड के गठन न होने पर उठाए सवाल
ओवैसी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्ष 2023 से दिल्ली वक्फ बोर्ड का गठन नहीं किया गया है, जिसके कारण इस तरह के मामलों का समाधान करना अब केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी बन जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप कर सकते थे, लेकिन ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया।
सोशल मीडिया के जरिए रखी अपनी बात
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में ओवैसी ने जानकारी दी कि यह स्थान वर्ष 1977 से एक राजपत्रित वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद, बोर्ड की तरफ से न तो मस्जिद के ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती दी गई और न ही इस विवाद को सुलझाने के लिए कोई ठोस प्रयास किया गया।
कानूनी सुरक्षा और प्रावधानों का जिक्र
अपने बयानों में ओवैसी ने दावा किया कि वक्फ संशोधन अधिनियम के अंतर्गत उपयोग के आधार पर वक्फ घोषित की गई संपत्तियों को उचित संरक्षण प्राप्त होता है। ऐसे में इस ऐतिहासिक संपत्ति से जुड़े मामले में नियमों और प्रावधानों के तहत उचित कदम उठाए जाने की आवश्यकता है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
