विपक्षी सांसदों ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक निकाला मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों के एक समूह ने शुक्रवार को संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च निकाला। इस मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा।

राष्ट्रपति भवन तक मार्च और मुख्य मांगें
संसद के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के लगभग 150 सांसदों की एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसके बाद यह मार्च निकाला गया। इस बैठक में 16 अलग-अलग पार्टियों के 16 नेताओं ने राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। ज्ञापन में चुनाव आयोग के कामकाज पर गंभीर चिंता जताई गई है।
विपक्ष की मुख्य मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, वोटर लिस्ट के विवादित ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) पर रोक लगाना और ड्राफ्ट सूची से हटाए गए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में जोड़ना शामिल है। राष्ट्रपति भवन के भीतर प्रतिनिधिमंडल के 10 नेताओं ने मुलाकात की, जबकि अन्य सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठे रहे।

विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके पास वोट से जुड़ी अनियमितताओं के सबूत हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज कुमार झा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर अपनी बात रखी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विरोध प्रदर्शनों और प्रतिबंधों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली की वजह से देश में भय का माहौल बना है। इस प्रदर्शन और मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए थे।
