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बंगाल की खाड़ी में चक्रवात को लेकर NCMC की उच्चस्तरीय बैठक, तैयारियों की समीक्षा

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात को लेकर NCMC की उच्चस्तरीय बैठक, तैयारियों की समीक्षा

बंगाल की खाड़ी में उठने वाले चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लेने के उद्देश्य से नई दिल्ली में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की एक अहम बैठक आयोजित की गई। कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्रीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान संभावित चक्रवात के मार्ग और इससे बचाव के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात को लेकर NCMC की उच्चस्तरीय बैठक, तैयारियों की समीक्षा

चक्रवात ‘अर्नब’ की स्थिति और मार्ग

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक ने समिति को अवगत कराया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव अब एक चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (ARNAB) का रूप ले चुका है। यह तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार कर सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार काफी तेज रहने और भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिसका असर आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ जिलों पर भी पड़ सकता है।

प्रशासनिक तैयारियां और एहतियाती कदम

संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति को अवगत कराया कि संभावित रूप से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविर स्थापित करने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला नियंत्रण कक्षों को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात को लेकर NCMC की उच्चस्तरीय बैठक, तैयारियों की समीक्षा

सुरक्षा और बचाव कार्य

  • मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है और जो लोग पहले ही बाहर थे, उन्हें तट पर लौटने को कहा गया है।
  • भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने कई जहाजों को सुरक्षित बंदरगाहों तक पहुंचा दिया है।
  • सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल की बचाव टीमों को विमानों और जहाजों के साथ तैयार रखा गया है।

कैबिनेट सचिव ने बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया कि सभी संबंधित एजेंसियों का मुख्य लक्ष्य जान-माल के नुकसान को पूरी तरह रोकना और संपत्ति तथा बुनियादी ढांचे को कम से कम क्षति पहुंचाना होना चाहिए। साथ ही, किसी भी तरह के नुकसान की स्थिति में आवश्यक सेवाओं को तुरंत बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।