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हनुमान अंश फिल्म के बाद नैनीताल के कैंची धाम में उमड़ी भारी भीड़

हनुमान अंश फिल्म के बाद नैनीताल के कैंची धाम में उमड़ी भारी भीड़

भक्ति फिल्म ‘हनुमान अंश’ की रिलीज के बाद उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित बाबा नीम करोली के प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फिल्म के आने के बाद से रोजाना आने वाले भक्तों की संख्या के साथ-साथ वीकेंड पर पहुंचने वाली भीड़ भी काफी बढ़ गई है, जिससे स्थानीय पर्यटन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिला है।

हनुमान अंश फिल्म के बाद नैनीताल के कैंची धाम में उमड़ी भारी भीड़

कैंची धाम में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या

नैनीताल पुलिस के अनुसार, जहां पहले सामान्य दिनों में रोजाना 4,000 से 5,000 श्रद्धालु बाबा नीम करोली के दर्शन के लिए आते थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 6,000 से अधिक हो गया है। इसके अलावा, छुट्टियों और सप्ताहांत यानी वीकेंड के दौरान यह संख्या बढ़कर 15,000 से 20,000 के बीच पहुंच जाती है। सितंबर 2026 तक पिछले नौ महीनों में लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं ने इस पवित्र स्थल के दर्शन किए हैं।

फिल्म का प्रभाव और धार्मिक पर्यटन

विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘हनुमान अंश’ बाबा नीम करोली के शुरुआती जीवन और चमत्कारों पर आधारित है। इस फिल्म की सफलता के बाद नए पर्यटकों और भक्तों में इस स्थान को लेकर गहरी जिज्ञासा पैदा हुई है। पर्यटक न केवल कैंची धाम पहुंच रहे हैं, बल्कि वे नैनीताल, भीमताल, गोलू देवता मंदिर और नैना देवी मंदिर जैसे आसपास के पर्यटन स्थलों का भी रुख कर रहे हैं। इस बदलाव से होटल, टैक्सी सेवा, रेस्टोरेंट और नाव संचालकों सहित स्थानीय व्यापार को बड़ा लाभ मिल रहा है।

हनुमान अंश फिल्म के बाद नैनीताल के कैंची धाम में उमड़ी भारी भीड़

यातायात और बुनियादी ढांचे में सुधार के प्रयास

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण स्थानीय प्रशासन के सामने यातायात और भीड़ प्रबंधन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नैनीताल-कैंची धाम मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है। इस समस्या से निपटने और यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। हल्द्वानी और कैंची धाम के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने पर विचार चल रहा है, जिससे यात्री कुछ ही मिनटों में वहां पहुंच सकें। इसके साथ ही, काठगोदाम से नैनीताल और कैंची धाम तक रोप-वे परियोजनाओं के विस्तार की भी योजना है, ताकि भविष्य में धार्मिक पर्यटन को और अधिक सुगम बनाया जा सके।