मणिपुर के चूड़ाचंदपुर में गोली लगने से घायल युवती की इलाज के दौरान मौत
मणिपुर के चूड़ाचंदपुर जिले में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुई एक 21 वर्षीय युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, मृतका ने अस्पताल में एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से इलाके में शोक और चिंता का माहौल है, क्योंकि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में इस तरह की हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं जो आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाती हैं।

एक सप्ताह से चूड़ाचंदपुर जिला अस्पताल में चल रहा था इलाज
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, Nei Esther Gangte नामक 21 वर्षीय युवती को गंभीर हालत में चूड़ाचंदपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पिछले सात दिनों से अपनी गंभीर चोटों और गोलियों के घावों से जूझ रही थी। अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों ने उसे बचाने के लिए पूरा प्रयास किया, लेकिन लगातार सात दिनों तक चली इस लंबी चिकित्सा प्रक्रिया के बाद भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और अंततः उसने दम तोड़ दिया।
नोंनी जिले के लोंगपी गांव की है घटना
यह पूरी दुखद घटना नोंनी जिले के नूंगबा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले लोंगपी गांव से जुड़ी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले दिनों हथियारबंद हमलावरों ने इस इलाके में अचानक हमला कर दिया था। इस हमले के दौरान हुई अंधाधुंध गोलीबारी में यह युवती गंभीर रूप से घायल हो गई थी। हमले के बाद उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसका इलाज जारी था। शुरुआती खबरों में यह भी सामने आया था कि इसी हमले के दौरान अन्य लोग भी प्रभावित हुए थे।
कुकी ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने की कड़ी निंदा
युवती की इस दुखद मौत के बाद स्थानीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों में गहरा रोष व्याप्त है। कुकी ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने इस घटना की तीव्र शब्दों में निंदा की है और अधिकारियों के सामने कड़े कदम उठाने की मांग रखी है। काउंसिल ने इस बात पर जोर दिया है कि इस हिंसक कृत्य में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया
इस प्रकार की हिंसा और आम नागरिकों पर हमलों को लेकर पहले भी शीर्ष स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ चुकी हैं। मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने इस तरह की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए पहले ही कहा था कि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ इस तरह के कायरतापूर्ण हिंसक कृत्य पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और हमारे समाज में इस प्रकार की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं हो सकती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच में जुटे हुए हैं ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
