छत्तीसगढ़ के कोरबा में दिवाली से पहले शुरू होगी 40 इलेक्ट्रिक बसों की सेवा
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर कोरबा में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए दिवाली से पहले 40 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने की तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार की शहरी परिवहन विकास पहलों के तहत मिलने वाली इन बसों के संचालन से स्थानीय स्तर पर प्रदूषण कम करने और नागरिकों को बेहतर यात्रा सुविधा प्रदान करने में मदद मिलेगी।

आधुनिक चार्जिंग स्टेशन और मार्ग योजना
परियोजना के तहत दरी स्थित प्रतीक्षा बस स्टैंड पर लगभग 1.54 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक चार्जिंग सबस्टेशन और प्रशासनिक कार्यशाला का निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा तकनीकी कर्मचारियों के प्रशिक्षण और रूट प्लानिंग का काम भी तेजी से किया जा रहा है। इन नई बसों को शहर और आसपास के इलाकों की जरूरतों के अनुसार दो श्रेणियों में बांटा गया है।
योजना के मुताबिक, 20 बड़ी इलेक्ट्रिक बसें मुख्य सड़कों और प्रमुख चौराहों पर चलाई जाएंगी, जो कोरबा शहर को बांकीमोंगरा, दीपका, बालको, हरदी बाजार और रेलवे स्टेशन जैसे क्षेत्रों से जोड़ेंगी। वहीं, शेष 20 इलेक्ट्रिक मिनी बसें आवासीय कॉलोनियों और संकरे आंतरिक मार्गों पर चलेंगी, जिससे आरपी नगर, एमपी नगर और टीपी नगर जैसे इलाकों के लोगों को आसानी होगी। इस सेवा से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को शिक्षण संस्थानों तथा अस्पतालों तक पहुंचने में खासी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पर्यावरण और यातायात को लाभ
प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस फुल चार्ज होने पर लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और दैनिक रूप से शहरी तथा उपनगरीय मार्गों पर करीब 400 किलोमीटर का सफर तय करेगी। शून्य उत्सर्जन वाली इन गाड़ियों से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी और स्थानीय वायु प्रदूषण में कमी आएगी। इसके साथ ही, पुरानी और अप्रयुक्त हो चुकी बसों की नीलामी का प्रस्ताव भी शासन की मंजूरी के लिए भेजा गया है, ताकि नई इलेक्ट्रिक फ्लीट के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित की जा सके।
