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अनंतनाग के शाहिद मुग्लू बने जम्मू-कश्मीर के पहले लाइसेंस प्राप्त स्काइडाइवर

अनंतनाग के शाहिद मुग्लू बने जम्मू-कश्मीर के पहले लाइसेंस प्राप्त स्काइडाइवर

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के एक युवा ने राज्य का नाम रोशन करते हुए एक अनोखी उपलब्धि अपने नाम की है। कोकनाग के गाडोल क्षेत्र के रहने वाले शाहिद मुजफ्फर मुग्लू रूस में कठोर प्रशिक्षण पूरा करने के बाद क्षेत्र के पहले लाइसेंस प्राप्त स्काइडाइवर बन गए हैं। इस रोमांचक और चुनौतीपूर्ण साहसिक सफर ने साबित कर दिया है कि पक्के इरादे और कड़ी मेहनत से किसी भी मुश्किल मंजिल को हासिल किया जा सकता है।

अनंतनाग के शाहिद मुग्लू बने जम्मू-कश्मीर के पहले लाइसेंस प्राप्त स्काइडाइवर

कठोर प्रशिक्षण और रूस में स्काइडाइविंग का सफर

आसमान की ऊंचाइयों को छूने वाले इस सफर में केवल साहस की नहीं, बल्कि तकनीकी कौशल, शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और तुरंत निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता होती है। अपनी इस अनोखी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए शाहिद ने रूस का रुख किया, जहां उन्होंने स्काइडाइविंग की विधिवत ट्रेनिंग पूरी की और ‘ए’ लाइसेंस प्राप्त किया। अपनी शिक्षा पुणे से बी.टेक के रूप में पूरी करने वाले शाहिद पिछले कुछ वर्षों से एक अमेरिकी कंपनी में कार्यरत हैं, लेकिन उनका सपना जीवन में कुछ हटकर करने का था।

परिवार का समर्थन और गर्व की भावना

जब शाहिद ने अपने इस खतरनाक और रोमांचक शौक के बारे में परिवार को बताया, तो माता-पिता की चिंताएं स्वाभाविक थीं। एक स्कूल शिक्षिका के रूप में कार्यरत उनकी माता और पिता मुजफ्फर अहमद ने शुरुआत में थोड़ी घबराहट महसूस की, लेकिन बेटे के सपनों का सम्मान करते हुए उसे हमेशा प्रोत्साहित किया। परिवार और दादाजी का मानना है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर युवा वर्ग बड़ी से बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।

अनंतनाग के शाहिद मुग्लू बने जम्मू-कश्मीर के पहले लाइसेंस प्राप्त स्काइडाइवर

घाटी में एक्सट्रीम स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने का उद्देश्य

यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि कश्मीर के युवाओं में दुनिया के किसी भी आसमान को जीतने की क्षमता है। शाहिद की मंशा अब इस रोमांचक खेल को घाटी में बढ़ावा देने और अन्य युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की है। उनका संदेश है कि युवाओं को अपने सपनों का पीछा करना चाहिए और अपने परिवार तथा समाज का नाम रोशन करना चाहिए।