भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की वीरता से टली बड़ी विमान त्रासदी, वैश्विक स्तर पर मिल रही है भारी प्रशंसा
दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान सह-पायलट के हमले का डटकर मुकाबला करने वाले भारतीय कप्तान स्मित मछार की वीरता की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। अत्यंत विपरीत और खतरनाक परिस्थितियों में भी अदम्य साहस दिखाते हुए एक बड़ी हवाई त्रासदी को टालने के बाद उन्हें वैश्विक स्तर पर एक सच्चे नायक के रूप में देखा जा रहा है। दुनिया भर के समाचार पत्रों में उनकी इस बहादुरी और संकट के समय लिए गए त्वरित निर्णयों को विस्तार से प्रकाशित किया गया है।

वैश्विक नेताओं द्वारा सराहना और सम्मान
भारतीय पायलट के इस असाधारण साहस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित कई प्रमुख वैश्विक नेताओं ने उनकी जमकर प्रशंसा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कैप्टन मछार ने अपनी जान की परवाह किए बिना जिस प्रकार बहादुरी का मुकाबला किया, उसने एक बड़ी घटना को होने से रोक लिया। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कैप्टन मछार की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने की अपील भी की। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने कैप्टन मछार की पत्नी और माता-पिता से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना और भारतीय दूतावास द्वारा हर संभव सहायता प्रदान करने की जानकारी दी।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर उनके साहस को सलाम करते हुए लिखा कि चाकू घोंपे जाने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कड़ा मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों तथा चालक दल को हमलावर पर काबू पाने में सक्षम बनाया। इजरायली पीएम के अनुसार, उनकी इस बहादुरी से विमान में सवार 174 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान बचाई जा सकी, जिनमें इजरायली नागरिक और अन्य देशों के लोग भी शामिल थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने की उनकी दिलेरी को बेहद सराहनीय बताया और उन्हें हीरो करार दिया। इसके अलावा, इजरायल के राजदूत रुवेन अजार और इजरायली रक्षा मंत्री ने भी इस घटना पर अपनी बात रखते हुए इसे गंभीर स्थिति बताया।
स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष प्रार्थनाएं और अनुष्ठान
घायल होने के बाद कैप्टन स्मित मछार का पहले सऊदी अरब के तबूक स्थित अस्पताल में इलाज कराया गया और बाद में उन्हें दुबई लाया गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। भारतीय दूतावास और मिशन उनकी सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर रहे हैं। इस बीच, उनकी सलामती और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में विशेष अनुष्ठान और प्रार्थनाएं की जा रही हैं। सोमनाथ मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया गया, जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर में उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिए 21 शास्त्रियों द्वारा रुद्राभिषेक कराया गया और 11 शास्त्रियों द्वारा महामृत्युंजय मंत्रों का जाप भी कराया जा रहा है।
