भारत में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का विस्तार, 2035 तक चाहिए लाखों नए बेड
देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर सामने आई एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को वर्ष 2035 तक वैश्विक मानकों के अनुरूप चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगभग 29 लाख अतिरिक्त अस्पताल बिस्तरों की सख्त जरूरत होगी। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विशाल पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश की आवश्यकता जताई गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की जरूरत
रियल एस्टेट सलाहकार फर्म सीबीआरई साउथ एशिया द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि वैश्विक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के मानकों तक पहुंचने के लिए देश को कुल 2.6 अरब वर्ग फुट अतिरिक्त हेल्थकेयर स्पेस की आवश्यकता होगी। वर्तमान समय की बात करें तो भारत में प्रति एक हजार लोगों पर केवल 1.6 अस्पताल बिस्तर उपलब्ध हैं, जो कि 3.3 प्रति एक हजार के वैश्विक औसत से काफी कम है।
इस बड़े अंतर को पाटने के लिए हेल्थकेयर रियल एस्टेट के दायरे को व्यापक स्तर पर बढ़ाने की योजना बनानी होगी। जानकारों का मानना है कि यह स्थिति निवेशकों, डेवलपर्स और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर लेकर आई है।
क्षेत्रवार स्थिति और निवेश के रुझान
रिपोर्ट में देश के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का भी जिक्र किया गया है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक जैसे दक्षिणी राज्यों में गैर-संचारी रोगों के मुकाबले हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति बेहतर पाई गई है। इसके विपरीत, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में बीमारियों के बोझ के अनुपात में अस्पताल बिस्तरों की संख्या कम दर्ज की गई है।
वर्तमान समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश का दायरा केवल पारंपरिक अस्पतालों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह विशेष चिकित्सा सुविधाओं, डे-केयर फॉर्मेट और अधिग्रहण के माध्यम से अपने विस्तार की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है।
