Search for:
  • Home/
  • ओपिनियन/
  • हेल्दी एजिंग के लिए कोई एक डाइट नहीं, कई पौष्टिक पैटर्न हैं असरदार
हेल्दी एजिंग के लिए कोई एक डाइट नहीं, कई पौष्टिक पैटर्न हैं असरदार

हेल्दी एजिंग के लिए कोई एक डाइट नहीं, कई पौष्टिक पैटर्न हैं असरदार

बढ़ती उम्र के साथ स्वस्थ और फिट रहने को लेकर अक्सर लोगों को अलग-अलग तरह की सलाह मिलती रहती है। कई बार लोग अपनी पसंद के अनाज या खान-पान को दूसरों के लिए भी बेहतर बताते हैं, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या कोई एक ही डाइट सबसे अच्छी होती है। हाल ही में एक वैज्ञानिक जर्नल में प्रकाशित शोध इस बात पर रोशनी डालता है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल एक ही सही तरीका होना जरूरी नहीं है।

हेल्दी एजिंग के लिए कोई एक डाइट नहीं, कई पौष्टिक पैटर्न हैं असरदार

वैज्ञानिक शोध और डाइटरी पैटर्न

जर्मन शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में बड़ी संख्या में वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इस दौरान अलग-अलग तरह के स्वस्थ खान-पान के तरीकों का परीक्षण किया गया। शोध में सामने आया कि भले ही अलग-अलग डाइट ने शरीर पर अलग रासायनिक प्रभाव छोड़े हों, लेकिन उन सभी ने आखिरकार उन जैविक मार्ग को सक्रिय किया जो सूजन को कम करने और चयापचय को सुरक्षित रखने से जुड़े हैं।

इन तमाम अलग-अलग खाद्य पैटर्नों का मुख्य उद्देश्य कोशिकाओं के कामकाज और उनके रखरखाव को बेहतर रखना था। शोध के अनुसार, किसी भी प्रकार के पौष्टिक आहार को अपनाने से जैविक रूप से उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है। इसके विपरीत, असंतुलित और सूजन पैदा करने वाली खान-पान की आदतें उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकती हैं।

हेल्दी एजिंग के लिए कोई एक डाइट नहीं, कई पौष्टिक पैटर्न हैं असरदार

पारंपरिक जीवनशैली और खान-पान

विशेषज्ञों का मानना है कि खान-पान और जीवनशैली ऐसी होनी चाहिए जो हमारे पूर्वजों और पारिवारिक परंपराओं से मेल खाती हो। चूंकि हमें अपने पूर्वजों से डीएनए विरासत में मिलता है, इसलिए उनकी जीवनशैली और खान-पान के करीब रहना फायदेमंद हो सकता है। प्राकृतिक भोजन, पौधों से मिलने वाले उत्पाद और स्वस्थ वसा को प्राथमिकता देना तथा प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों व अत्यधिक चीनी से दूरी बनाना लंबे समय तक सेहतमंद रहने में मदद करता है।