गोरखपुर में उत्साह के साथ मनाया गया करवा चौथ, बादलों के बीच सुहागिनों ने किया व्रत का पारायण
गोरखपुर में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का पर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति के उत्तम स्वास्थ्य, लंबी आयु और दांपत्य सुख की कामना के लिए दिनभर निर्जला उपवास रखा। शाम के समय शिव परिवार और चंद्रमा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।

मौसम के बीच चांद का इंतजार और उल्लास
गुरुवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया, जिससे व्रती महिलाओं की चिंता थोड़ी बढ़ गई थी। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर के समय रिमझिम फुहारें भी पड़ीं। हालांकि, मौसम की इस लुकाछिपी के बावजूद महिलाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। तय समय पर रात 07:57 बजे चंद्रोदय का मुहूर्त था, लेकिन बादलों की वजह से चांद स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दिया। इसके बावजूद महिलाओं ने अपनी छतों और गलियों में चांद का दीदार कर विधिवत रूप से पूजन कार्य संपन्न किया। इस दौरान शहर की छतों पर उत्सव जैसा माहौल रहा और चारों तरफ फुलझड़ियों की रोशनी नजर आई।
सोलह शृंगार कर सुनी व्रत कथा
दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को महिलाओं ने सोलह शृंगार कर पूजा की पूरी तैयारी की। मिट्टी का करवा, सीक, चावल के आटे का फरा, फल, फूल और मिठाइयों के साथ चंद्रमा, गौरी-गणेश और शिव परिवार की पूजा की गई। इस दौरान सामूहिक रूप से करवा चौथ व्रत की कथा भी सुनी गई। महिलाओं ने चलनी में चंद्रमा को देखने के बाद अपने पतियों का चेहरा निहारा और उनके हाथों से जल ग्रहण कर अपना कठिन व्रत खोला।
मंदिरों में हुई सामूहिक पूजा
शहर के विभिन्न मंदिरों और प्रमुख स्थानों पर महिलाओं ने एकत्र होकर सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की। मोहद्दीपुर स्थित गोपाल मंदिर, पंजाबी कॉलोनी और पैडलेगंज स्थित राधाकृष्ण मंदिर में शाम से ही महिलाओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। सभी ने मिलकर व्रत की कथा सुनी और चंद्रोदय के बाद पारंपरिक रूप से अर्घ्य अर्पित कर एक-दूसरे के साथ जीवनभर का साथ निभाने का संकल्प लिया।
