खाद्य नियामक FSSAI ने भ्रामक विज्ञापनों और स्वास्थ्य दावों पर Dr Reddy’s और Nestle को भेजा नोटिस
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भ्रामक दावों और विज्ञापनों के मामले में Dr Reddy’s, Nestle Health Science और Netmeds समेत कई प्रमुख कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियामक ने यह सख्त कदम ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेचे जा रहे कुछ स्वास्थ्य पूरक उत्पादों से जुड़े विज्ञापनों में किए गए दावों की समीक्षा के बाद उठाया है। प्राधिकरण ने कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई क्यों न की जाए।

किन कंपनियों और प्लेटफॉर्म्स को जारी हुआ नोटिस
खाद्य नियामक द्वारा जारी किए गए इन नोटिसों के दायरे में कई नामी कंपनियां और ऑनलाइन मार्केटप्लेस शामिल हैं। FSSAI ने जिन मुख्य संस्थाओं को नोटिस भेजा है, उनमें निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
- Dr Reddy’s Laboratories
- Nestle Health Science Limited
- Tirupati Wellness Private Limited
- Flipkart India
- Amazon Seller Services
- Netmeds Healthcare
उत्पाद के विज्ञापनों में पाए गए भ्रामक दावे
नियामक संस्था के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई मुख्य रूप से ‘CELEVIDA GLP+’ नामक उत्पाद के विज्ञापनों, नॉन-कम्प्लाइंट विज्ञापनों और उसके पैकेट पर छापे गए दावों को लेकर की गई है। FSSAI ने पाया कि उत्पाद के पैकेट और विज्ञापनों पर मांसपेशियों की ताकत, प्रतिरक्षा सहायता यानी इम्युनिटी सपोर्ट और ऊर्जा चयापचय से जुड़े ऐसे दावे किए गए थे, जो उपभोक्ताओं को उत्पाद के स्वास्थ्य लाभों के बारे में गुमराह कर सकते हैं। इसके अलावा, उत्पाद को एक संपूर्ण पोषण उत्पाद के रूप में विज्ञापित किया जा रहा था।
विशिष्ट चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ाव और अन्य आपत्तियां
प्राधिकरण ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस उत्पाद का प्रचार कुछ विशेष चिकित्सा पद्धतियों और उपचारों के संदर्भ में किया जा रहा था। विज्ञापनों में उत्पाद के सेवन को विशिष्ट चिकित्सा पद्धतियों और दुबले मांसपेशियों के संरक्षण से जोड़कर दिखाया गया था। नियामक का कहना है कि इस तरह के प्रचार से उपभोक्ताओं के मन में यह भ्रामक धारणा बन सकती है कि उत्पाद किसी खास चिकित्सीय स्थिति के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है।
इसके साथ ही, उत्पाद पर ‘पवित्रता के लिए यूरोप से आयातित’ होने का दावा भी छापा गया था, जिसे नियामक ने भ्रामक पाया है। पिछले छह महीनों के दौरान FSSAI ने खाद्य कारोबार ऑपरेटरों और ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ अपनी निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाइयों को काफी तेज कर दिया है, जिसके तहत यह ताजा कार्रवाई सामने आई है।
