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दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और हिरासत की कार्रवाई पर कांग्रेस का तीखा हमला

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और हिरासत की कार्रवाई पर कांग्रेस का तीखा हमला

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त और एसआईआर के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की घटना पर कांग्रेस पार्टी ने सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि वर्तमान प्रशासन के दौरान देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाया जा रहा है और सवाल पूछने वाले नागरिकों पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं।

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और हिरासत की कार्रवाई पर कांग्रेस का तीखा हमला

हिरासत की कार्रवाई पर विपक्षी नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मामले में सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हुए कहा कि युवाओं, छात्रों, वकीलों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत जो भी सरकार से सवाल कर रहा है, उसे हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह की गिरफ्तारियों और जेल की कार्रवाई से देश के नागरिकों की आवाज को रोका नहीं जा सकता।

पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं जैसे शशि थरूर और अशोक गहलोत ने भी इस कार्रवाई की निंदा की है। नेताओं का कहना है कि राजधानी में नागरिकों के आवागमन और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति जताने के अधिकारों पर रोक लगाई जा रही है। विपक्षी नेताओं का यह भी आरोप है कि प्रशासन और सत्ताधारी दल लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर विपक्ष को बदनाम करने में जुटे हैं।

सोमवार को होगा आईएनडीआई गठबंधन का बड़ा प्रदर्शन

इस पूरे घटनाक्रम के बीच, विपक्षी दलों के संगठन ने आगामी सोमवार को दिल्ली में एक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। नेताओं के अनुसार यह आंदोलन नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए इस प्रदर्शन के दौरान कई राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स को पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया था। विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया है कि जब तक चुनाव प्रणाली पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं हो जाती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।