छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई: पिछले 20 साल से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को पुलिस ने दबोचा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले लगभग 20 वर्षों से अवैध रूप से भारत में रह रहे एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को धर दबोचा है। राज्य के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और बिलासपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है।

सर्कंडा इलाके से हुई गिरफ्तारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिलासपुर पुलिस के जिला विशेष प्रकोष्ठ और एसटीएफ की टीम ने सरकंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सूर्य विहार कॉलोनी में एक किराए के मकान पर छापा मारा। पूछताछ में संदिग्ध की पहचान अतीक हुसैन के रूप में हुई है, जिसने अपना मूल निवास बांग्लादेश के नारायणगंज जिले का बताया है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहा था आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी साल 2008 में पासपोर्ट और वीजा के जरिए चेन्नई आया था और इलाज के बाद वापस नहीं लौटा। इसके बाद वह बिलासपुर आ गया और पिछले 10 सालों से यहीं रह रहा था। आरोपी बिलासपुर के एनटीपीसी सीपत में एक निजी फर्म के तहत एलिवेटर (लिफ्ट) मेंटेनेंस तकनीशियन के रूप में काम कर रहा था और अच्छी सैलरी पा रहा था।
कई भारतीय पहचान पत्र बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से कई महत्वपूर्ण भारतीय दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और कक्षा नौवीं का प्रमाण पत्र शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन सभी दस्तावेजों को धोखाधड़ी के जरिए तैयार कराया गया था। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां दस्तावेजों की वैधता की जांच कर रही हैं और आरोपी को रायपुर के होल्डिंग सेंटर में रखकर उसके देश वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
