विदेशी संगठनों से संबंधों के आरोपों पर राहुल गांधी और कांग्रेस पर भड़की बीजेपी
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर विदेशी संगठनों के साथ मिलकर देश में अराजकता और अफरा-तफरी फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ये अंतरराष्ट्रीय समूह भारत में विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा देने और देश के आंतरिक मामलों से जुड़े नैरेटिव को प्रभावित करने की एक बड़ी साजिश रच रहे हैं। बीजेपी ने दावा किया कि इन संगठनों की गतिविधियां चुनी हुई सरकारों और संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देने का हिस्सा हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी प्रवक्ता ने एक विदेशी मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कई देशों में सक्रिय संगठन विरोध प्रदर्शनों को आयोजित करने, उनमें तालमेल बिठाने और उन्हें बढ़ावा देने में शामिल हैं। इसमें फ्रांस स्थित एक संगठन ‘इंडियन अलायंस पेरिस’ और ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ जैसी संस्थाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। आरोप लगाया गया कि फ्रांस में अशांति, स्पेन की घटनाओं और भारत तथा अल्bania में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के तार इन अंतरराष्ट्रीय समूहों से जुड़े हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय समूहों और बैठकों पर सवाल
बीजेपी ने कांग्रेस से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल जैसे संगठनों के साथ हुई बैठकों में क्या चर्चा हुई थी। पार्टी ने यह भी पूछा है कि क्या इन अंतरराष्ट्रीय समूहों के साथ कोई समझौता हुआ है और इनके फंडिंग के स्रोत क्या हैं, ताकि विदेशी व्यक्तियों या संस्थाओं के साथ संबंधों की सच्चाई देश के सामने आ सके। पार्टी का कहना है कि विरोध करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन तोड़फोड़ करना, संस्थाओं को नष्ट करना, आगजनी करना और हिंसक प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार नहीं हो सकता।
प्रदर्शनों के स्वरूप और रिपोर्ट के दावे
हाल ही में सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए यह भी दावा किया गया कि विभिन्न देशों में कम्युनिस्ट और समाजवादी युवा संगठनों का एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सक्रिय है जो छात्रों को एकजुट करके हड़तालें करवा रहा है। इस नेटवर्क का विस्तार अमेरिका, ब्रिटेन, ग्रीस, ब्राजील और भारत तक बताया गया है, जिसके जरिए विभिन्न समूह अपने समर्थकों को एकजुट करते हैं और अंतरराष्ट्रीय माध्यमों से प्रदर्शनों को प्रचारित करते हैं। बीजेपी ने राहुल गांधी की कुछ विदेशी नेताओं और संगठनों के साथ मुलाकातों पर भी सवाल उठाए हैं, और आरोप लगाया कि ऐसे समूहों का रुख भारत के हितों के खिलाफ रहा है। इन बयानों और रिपोर्टों को लेकर राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
