अग्निपथ योजना: दिसंबर 2026 में पूरी होगी पहली बैच की सेवा, जानें क्या होंगे करियर के विकल्प
भारतीय सेना की अग्निपथ योजना के तहत चार साल पहले शामिल हुए युवाओं का पहला बैच अब अपने कार्यकाल के अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जून 2022 में शुरू की गई इस योजना के नियमों के तहत, पहले बैच के लगभग 75 प्रतिशत जवान दिसंबर 2026 में अपनी सेवा पूरी करके सेना से बाहर हो जाएंगे। सेवा समाप्त होने के बाद इन सभी युवाओं को एकमुश्त कर-मुक्त सेवा निधि पैकेज प्रदान किया जाएगा।

कितने अग्निवीर होंगे सेवामुक्त?
योजना के प्रावधानों के अनुसार, पहले बैच में लगभग 24,400 युवाओं ने अपनी सेवा शुरू की थी। इनमें से 25 प्रतिशत यानी करीब 6,100 जवानों को सेना में स्थायी रूप से बरकरार रखा जाएगा। वहीं, शेष 75 प्रतिशत यानी लगभग 18,300 जवान चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद कार्यमुक्त होंगे। इन सभी जवानों को सेवा समाप्ति पर ब्याज सहित लगभग 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलेगा।
केंद्रीय बलों और पुलिस सेवाओं में आरक्षण
सेना से बाहर होने वाले पूर्व अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार, विभिन्न राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र ने कई बड़े कदम उठाए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और असम राइफल्स में कांस्टेबल तथा राइफलमैन के पदों पर भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा उन्हें कुछ भर्ती परीक्षाओं से छूट और ऊपरी आयु सीमा में पांच साल की छूट भी मिलेगी।
कई राज्य सरकारों ने भी अपने पुलिस विभागों और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए कोटा निर्धारित किया है। हरियाणा, सिक्किम, दिल्ली और Arunachal Pradesh जैसे राज्यों ने पुलिस और अग्निशमन सेवाओं में 20 प्रतिशत तक का आरक्षण घोषित किया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम ने भी पुलिस भर्ती प्रक्रियाओं में 10 से 12 प्रतिशत तक का आरक्षण या अतिरिक्त अंक देने का प्रावधान किया है।
रेलवे, रक्षा सार्वजनिक उपक्रम और निजी क्षेत्र में अवसर
भारतीय रेलवे ने भी चयनित श्रेणियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण की घोषणा की है, जिसमें लेवल-1 के पदों पर 10 प्रतिशत और लेवल-2 तथा उससे ऊपर के गैर-राजपत्रित पदों पर 5 प्रतिशत आरक्षण शामिल है। इसके अलावा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में भी 10 प्रतिशत कोटा तय किया गया है। रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले 16 सार्वजनिक उपक्रमों और ब्रह्मोस एयरोस्पेस में भी तकनीकी तथा प्रशासनिक भूमिकाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
टाटा संस, महिंद्रा ग्रुप, आरपीजी ग्रुप और रिलायंस जैसी कई निजी कंपनियां और व्यावसायिक समूह भी सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त इन युवाओं को ऑपरेशंस, एडमिनिस्ट्रेशन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में प्राथमिकता देने की बात कह रहे हैं। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने भी मर्चेंट नेवी में पूर्व अग्निवीरों के लिए करियर के रास्ते तैयार करने की पहल की है।
कौशल प्रमाण पत्र और दस्तावेज़
कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को तीन प्रमुख दस्तावेज प्रदान किए जाएंगे, जिनमें अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) से 12वीं कक्षा के समकक्ष प्रमाण पत्र, और विस्तृत डिस्चार्ज सर्टिफिकेट शामिल हैं। ये प्रमाण पत्र उन्हें सरकारी नौकरियों और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षण का लाभ उठाने में मदद करेंगे।
