उत्तराखंड: दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के इलाज के लिए आगे आया प्रशासन
उत्तराखंड के देहरादून जिले में दुर्लभ (रेयर) बीमारियों से पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिन्हित बच्चों में से कई का इलाज जारी है, जबकि योजना के दायरे से बाहर रहने वाले जरूरतमंद बच्चों के लिए विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बच्चे का चिकित्सा उपचार प्रभावित न हो।

विशेष सहायता और सीएसआर फंड का उपयोग
दुर्लभ बीमारियों के इलाज में अक्सर भारी भरकम खर्च और लंबी चिकित्सकीय प्रक्रिया की आवश्यकता होती है, जिसे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वहन करना बेहद कठिन होता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कॉर्पोरेट सोशल उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड से दस बच्चों के इलाज के लिए कुल 9.60 लाख रुपये मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपे हैं। इन बच्चों का इलाज देश के प्रतिष्ठित और विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों में कराया जा रहा है, जहां उन्हें सर्जरी और लंबी निगरानी की जरूरत है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश और मॉनिटरिंग
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय और प्रशासनिक औपचारिकताओं में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, आवश्यकता पड़ने पर राइफल क्लब फंड से भी अतिरिक्त सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जिले में चिन्हित सभी बच्चों को समय पर उचित चिकित्सीय लाभ मिल सके।
