Uttarakhand e-Governance: ऑफिस नहीं, अब घर बैठे सरकारी सेवाएं
Government Services at Home | CM Dhami’s E-Governance Initiative in Uttarakhand

मुख्यमंत्री धामी की डिजिटल पहल से ई-गवर्नेंस ने बदली शासन-प्रशासन की तस्वीर
देहरादून, 20 जनवरी:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने शासन-प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल, जवाबदेह और जनहित केंद्रित बनाने की दिशा में ई-गवर्नेंस को सशक्त आधार के रूप में विकसित किया है। डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग से अब आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं, बल्कि वे मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे ही सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
राजधानी देहरादून सहित प्रदेशभर में शुरू किए गए विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल और जनसेवा एप्लिकेशन नागरिकों को आवेदन, शिकायत और सुझाव दर्ज कराने की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। इससे न केवल सेवाओं की पहुंच बढ़ी है, बल्कि समय और संसाधनों की भी उल्लेखनीय बचत हो रही है।
ई-गवर्नेंस के अंतर्गत ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली, जनसुनवाई पोर्टल, डिजिटल प्रमाण पत्र सेवाएं, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल, आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल, रोजगार प्रयाग पोर्टल, भूदेव ऐप सहित कई विभागीय एप्लिकेशन जैसे सीएम हेल्पलाइन 1905, ई-ट्रांसपोर्ट और ‘अपणी सरकार’ पोर्टल नागरिकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इन सेवाओं से सरकारी कार्यालयों में भीड़ कम हुई है और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।
ई-सेवाओं का लाभ उठाने वाले देवेंद्र सिंह के मामले में उनकी पुत्री सोनिया रावत ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन हेतु आवश्यक आय प्रमाण पत्र उन्हें मात्र 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन प्राप्त हो गया, जिससे उन्हें किसी भी सरकारी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि प्रशासन डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। अब अधिकांश प्रमाण पत्र और जनकल्याणकारी योजनाओं के आवेदन ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए गए हैं। जिला योजना के अंतर्गत कृषि संबंधी सभी योजनाओं की प्रथम चरण की आवेदन प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया गया है।
ई-गवर्नेंस प्रणाली शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण नागरिकों के लिए भी प्रभावी सिद्ध हो रही है, जिससे सरकारी सेवाओं की जवाबदेही, पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो रहा है। मुख्यमंत्री धामी की यह डिजिटल पहल प्रदेश में सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है।
