नवंबर की शुरुआत से बदल गए वित्तीय और कॉलिंग से जुड़े कई नियम
देशभर में नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों के जीवन और वित्तीय लेनदेन को प्रभावित करने वाले कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। इनमें जीएसटी पंजीकरण के तरीकों से लेकर टेलीकॉम सेक्टर और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। आइए जानते हैं कि इस महीने कौन-कौन से बड़े बदलाव लागू हुए हैं।

जीएसटी पंजीकरण और कॉलिंग सेवा में बदलाव
अब कारोबारी को-वर्किंग प्लेस के पते पर भी आसानी से जीएसटी पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए सदस्यों की कॉपी और बिजली या हाउस टैक्स जैसे बिल संलग्न करने होंगे। आधार आधारित पंजीकरण होने पर अधिकारियों द्वारा अनावश्यक पते की छानबीन नहीं की जाएगी। इसके अलावा, दूरसंचार कंपनियों के लिए कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन यानी सीएनएपी सेवा को भी अमल में लाया गया है, जिससे फोन स्क्रीन पर कॉलर का वास्तविक नाम दिखाई देगा, भले ही नंबर सेव न हो। फिलहाल यह सुविधा 4जी और 5जी कनेक्शन वाले उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है।
पेंशन और बैंकिंग से जुड़े नए निर्देश
सरकारी पेंशनभोगियों के लिए वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अस्सी वर्ष से कम उम्र के पेंशनभोगी नवंबर महीने के दौरान अपनी बैंक शाखा में जाकर या जीवन प्रमाण सुविधा के माध्यम से डिजिटल रूप से इसे जमा कर सकते हैं। दूसरी ओर, पंजाब नेशनल बैंक ने क्रेडिट कार्ड के जरिए तय सीमा से अधिक के यूटिलिटी बिल भुगतान पर शुल्क लागू कर दिया है। इसके अलावा म्यूचुअल फंड के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अब डायरेक्ट प्लान को डिफॉल्ट विकल्प बनाया गया है।
दवाओं के दाम और सॉवरिन गोल्ड बॉंड
सरकार के निर्देशों के तहत कैंसर के इलाज से जुड़ी कई गैर-अनुसूचित दवाओं पर व्यापार मार्जिन सीमित कर दिया गया है, जिससे आने वाले दिनों में इनकी खुदरा कीमतों में भारी कमी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही, सावरेन गोल्ड बॉंड में निवेश करने वाले निवेशकों को नवंबर के दौरान अलग-अलग तारीखों पर अपनी चार सीरीज के तहत समय से पहले राशि निकालने का अवसर भी मिलेगा।
