बाजार में उतरने से पहले क्यों जरूरी है बिजनेस का टेस्ट-रन?
किसी भी नए व्यवसाय या उत्पाद को शुरू करने से पहले उसकी योजना कितनी भी बेहतरीन क्यों न हो, लेकिन उसे वास्तविक जीवन के परीक्षण से गुजारना बेहद जरूरी होता है। बाजार में ग्राहकों के लिए दरवाजे खोलने से पहले यह मान लेना कि सब कुछ बिल्कुल सही काम करेगा, एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। किसी भी सर्विस या प्रोडक्ट की सफलता के लिए लॉन्चिंग से पहले उसका ट्रायल रन लेना अत्यंत आवश्यक है।

पुणे का एक उदाहरण इस बात को अच्छी तरह स्पष्ट करता है, जहां एक कैफे मालिक ने मर्डर मिस्ट्री गेम तैयार किया। अपने इस दो घंटे के अनुभव को सार्वजनिक रूप से शुरू करने से पहले उन्होंने लोगों के एक छोटे समूह को इसे आजमाने के लिए बुलाया। इस परीक्षण से उन्हें यह समझने में मदद मिली कि खेल में कहां सुधार की आवश्यकता है, ताकि लोग बीच में बोर न हों। कागज पर कोई भी विचार बहुत आकर्षक लग सकता है, लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब ग्राहक उसका अनुभव करते हैं।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी इस तरह के प्रयोग देखने को मिले हैं। एक प्रसिद्ध होटल के उद्घाटन से पहले कुछ विशेष मेहमानों को वहां ठहराया गया था, ताकि वे स्टाफ की सेवाओं और सुविधाओं का करीब से अनुभव कर सकें। इसका उद्देश्य मेहमाननवाजी करना नहीं, बल्कि उनकी सेवाओं में मौजूद कमियों पर पूरी तरह से ईमानदार प्रतिक्रिया प्राप्त करना था। यही सिद्धांत लगभग हर प्रकार के व्यवसाय पर समान रूप से लागू होता है।

यदि आप कोई नया शॉपिंग ऐप बना रहे हैं या कोई नया उत्पाद बाजार में ला रहे हैं, तो उसे आम लोगों या संभावित ग्राहकों को इस्तेमाल करने का अवसर देना चाहिए। इससे छिपी हुई तकनीकी या व्यावहारिक समस्याएं सामने आ जाती हैं, जो ग्राहकों के आने पर मुसीबत बन सकती हैं। परीक्षण का मुख्य उद्देश्य केवल कमियों को ढूंढना ही नहीं है, बल्कि ग्राहकों के अनुभव को और अधिक बेहतर बनाने के नए अवसर खोजना भी है।
उद्यमी अक्सर अपने विचारों से बहुत अधिक भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं, जिसके कारण उन्हें अपने आइडिया की खामियां नजर नहीं आती हैं। एक बाहरी व्यक्ति या संभावित ग्राहक का नजरिया उन कमियों को उजागर कर सकता है जिन्हें निर्माता अनदेखा कर देते हैं। इसलिए, यह हमेशा बेहतर होता है कि रिहर्सल के दौरान ही गलतियों को सुधार लिया जाए, ताकि भुगतान करने वाले ग्राहकों के सामने कोई परेशानी न आए।
