Search for:
  • Home/
  • देश/
  • प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का देशव्यापी प्रदर्शन, खरगे से माफी की मांग
प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का देशव्यापी प्रदर्शन, खरगे से माफी की मांग

प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का देशव्यापी प्रदर्शन, खरगे से माफी की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए एक विवादित बयान के विरोध में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में व्यापक प्रदर्शन किया। भाजपा ने इस टिप्पणी को अपमानजनक और अशोभनीय करार देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से बिना शर्त माफी और इस्तीफे की मांग उठाई है। यह पूरा राजनीतिक विवाद पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान के बाद तूल पकड़ गया है।

प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का देशव्यापी प्रदर्शन, खरगे से माफी की मांग

विभिन्न शहरों में सड़क पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता

बयान का वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली, पटना, बेंगलुरु, जम्मू, मुंबई, रांची, कोलकाता और लखनऊ सहित देश के कई प्रमुख शहरों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर तीव्र आक्रोश जताया। पटना में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध मार्च निकाला और कांग्रेस अध्यक्ष का पुतला फूंका। बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क और जम्मू में भी पोस्टरों को जलाकर तथा प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी दर्ज की गई।

दिग्गज नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी से वे स्तब्ध और आहत हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि यह बयान किसी आम कार्यकर्ता का नहीं बल्कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन से दूर जा चुके दिवंगत माता-पिता का नाम घसीटना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है।

कांग्रेस और सहयोगियों का पलटवार

दूसरी ओर, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने भाजपा के इन विरोध प्रदर्शनों पर पलटवार किया है। मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि भाजपा बेवजह के मुद्दों को तूल दे रही है। राजद सांसद मनोज झा ने भी कहा कि हालांकि ऐसे शब्दों की अपेक्षा नहीं की जा सकती, लेकिन भाजपा का यह विरोध चुनिंदा और दोहरा रवैया दिखाता है क्योंकि अतीत में उनकी पार्टी के नेताओं द्वारा भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं।