Search for:
  • Home/
  • क्राइम/
  • सूरत साइबर क्राइम सेल ने किया 410 करोड़ रुपये के ऑनलाइन धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
सूरत साइबर क्राइम सेल ने किया 410 करोड़ रुपये के ऑनलाइन धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

सूरत साइबर क्राइम सेल ने किया 410 करोड़ रुपये के ऑनलाइन धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

सूरत शहर की साइबर क्राइम सेल ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी लोगों को शेयर बाजार में ट्रेडिंग के नाम पर फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करवाकर भारी मुनाफे का लालच देते थे। इसके बाद पीड़ितों से विभिन्न बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे, जिससे जुड़े इस पूरे नेटवर्क का दायरा करीब 410 करोड़ रुपये तक फैला हुआ है।

सूरत साइबर क्राइम सेल ने किया 410 करोड़ रुपये के ऑनलाइन धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

फर्जी ऐप के जरिए बनाया गया निशाना

शिकायतकर्ता को शेयर ट्रेडिंग के जरिए बड़ा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया था और उन्हें ‘HB Ultra’ तथा ‘IISL Sec’ नामक फर्जी एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा गया था। इन फर्जी ऐप्स के माध्यम से पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में कुल 23,38,800 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उसे रोक दिया गया। इसके बाद सूरत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

तकनीकी निगरानी और गिरफ्तारी

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और पूछताछ के आधार पर सूरत के सिविल चार रस्ता इलाके के पास से दो आरोपियों को दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अब्दुल रहमान मोहम्मदहसिन अक्कुकारा और मोहसिन खान (उर्फ टिक्षु शमिम खान) के रूप में हुई है। जांच में पता चला कि अब्दुल रहमान विदेश में शिक्षा ले रहा था और कुछ समय पहले ही भारत लौटा था।

म्यूल बैंक खातों और क्रिप्टो का इस्तेमाल

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी ने एक फर्जी फर्म बनाकर कई बैंकों में खाते खोले थे, जिनका इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी के पैसों को इधर-उधर करने के लिए किया जाता था। इन फंड्स को क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदलकर डिजिटल वॉलेट के जरिए अन्य लोगों को भेजा जाता था। आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और बैंक खातों से जुड़ी अहम जानकारियां बरामद की गई हैं, जिससे इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट के तार जुड़े होने का पता चलता है।