राष्ट्रपति मुर्मु से जुड़ी राहुल गांधी की टिप्पणी पर सरकार ने दी प्रतिक्रिया, दावे को बताया बेबुनियाद
विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में बयानों का दौर शुरू हो गया है। मुलाकात के बाद राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों का सरकार ने कड़ा खंडन किया है। सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति को इस तरह के विवादों में खींचना दुर्भाग्यपूर्ण है।

राहुल गांधी ने क्या दिया था बयान?
राष्ट्रपति भवन में मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया था कि उन्होंने राष्ट्रपति के सामने वोट चोरी का मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि उन्हें उम्मीद थी कि राष्ट्रपति इस बात से इनकार करेंगी कि देश में ऐसा कुछ हो रहा है, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर इस बात को स्वीकार किया और सबूत मांगे। राहुल गांधी का यह भी दावा था कि उनके पास इस संबंध में सबूत मौजूद हैं।
भारतीय जनता पार्टी की तीखी प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें विचित्र और झूठा करार दिया। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है और इस तरह के बयान देना सभी सीमाओं को पार करने जैसा है। पार्टी का मानना है कि इस प्रकार के बयानों से देश की शीर्ष संस्थाओं की गरिमा पर असर पड़ता है।
राजनीतिक सरगर्मी और आगे की स्थिति
इस पूरे घटनाक्रम के बाद से राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुलाकात को लेकर लगातार बयानबाजी जारी है। जहां एक ओर विपक्ष अपनी बात पर कायम है, वहीं सरकार और शासक दल के प्रतिनिधियों ने इसे पूरी तरह भ्रामक और राजनीति से प्रेरित बताया है।
