भारतीय तटरक्षक बल द्वारा ओडिशा के पारादीप तट पर सारेक्स-2026 का सफल आयोजन
भारतीय तटरक्षक बल ने राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव बोर्ड की देखरेख में ओडिशा के पारादीप तट के निकट 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास (सारेक्स-2026) का आयोजन किया। यह महत्वपूर्ण अभ्यास समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और खोज अभियानों की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से संपन्न हुआ।

सारेक्स-2026 का मुख्य विषय और उद्देश्य
इस वर्ष इस अभ्यास का मुख्य विषय “खोज एवं बचाव तैयारियों तथा समुद्री सुरक्षा को विस्तृत करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग” निर्धारित किया गया था। इसका प्रमुख उद्देश्य समुद्र में बड़े स्तर पर चलाए जाने वाले बचाव अभियानों के लिए परिचालन तैयारियों, आपसी तालमेल और संयुक्त कार्रवाई की क्षमता को प्रदर्शित करना था। इस आयोजन का अवलोकन भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि ने किया।
विभिन्न एजेंसियों और देशों की भागीदारी
इस संयुक्त अभ्यास में तटरक्षक बल के अलावा नौसेना, वायु सेना, जहाजरानी महानिदेशालय, मत्स्य पालन विभाग, सीमा शुल्क विभाग, समुद्री पुलिस, पारादीप पत्तन प्राधिकरण और ओडिशा राज्य प्रशासन ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इसके साथ ही, 30 देशों के 32 पर्यवेक्षकों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण बना दिया, जिससे विभिन्न देशों के बीच कार्य प्रणालियों और अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ।

विभिन्न उपकरणों और संसाधनों का प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान भारतीय तटरक्षक बल के 15 जहाज, कई विमान और हेलिकॉप्टर तैनात किए गए। इसके अतिरिक्त, भारतीय वायु सेना के सी-130जे और एमआई-17 विमान तथा भारतीय नौसेना के दो जहाज भी इस अभियान का हिस्सा बने। कार्यक्रम के दौरान एक काल्पनिक आपात स्थिति तैयार की गई, जिसमें यात्री विमान और कंटेनर जहाज के बीच हुई दुर्घटना के बाद बड़े पैमाने पर बचाव कार्य का अभ्यास किया गया। इस दौरान आग बुझाने, हेलिकॉप्टर से लोगों को सुरक्षित निकालने और आधुनिक तकनीकी उपकरणों के जरिए सहायता पहुंचाने के कौशल का प्रदर्शन किया गया।
