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UPI ट्रांजैक्शन पर एमडीआर शुल्क को लेकर नया प्रस्ताव, समयसीमा बढ़ने की चर्चा से फिनटेक शेयरों में गिरावट

UPI ट्रांजैक्शन पर एमडीआर शुल्क को लेकर नया प्रस्ताव, समयसीमा बढ़ने की चर्चा से फिनटेक शेयरों में गिरावट

दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने की समयसीमा को 15 अक्टूबर से बढ़ाकर एक जनवरी करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इस संभावित बदलाव की खबरों के बीच शेयर बाजार में विभिन्न वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली है।

UPI ट्रांजैक्शन पर एमडीआर शुल्क को लेकर नया प्रस्ताव, समयसीमा बढ़ने की चर्चा से फिनटेक शेयरों में गिरावट

समयसीमा बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार

पिछले दिनों सरकार द्वारा दो हजार रुपये से अधिक के डिजिटल भुगतानों पर एमडीआर लगाने की अनुमति दी गई थी, जिसका मुख्य भार व्यापारियों पर आना था। इस घोषणा से बाजार में अतिरिक्त आय की उम्मीद जगी थी, जिससे फिनटेक कंपनियों के शेयरों में तेजी आई थी। हालांकि, अब इस व्यवस्था को लागू करने की तारीख को आगे खिसकाए जाने की चर्चाएं चल रही हैं, और आने वाले कुछ दिनों में इस पर अंतिम फैसला आने की उम्मीद है।

फिनटेक कंपनियों के शेयरों पर असर

समयसीमा में बदलाव की चर्चाओं का असर सीधे तौर पर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों पर दिखा। पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस के शेयरों में कारोबार के दौरान उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, वन मोबिक्विक सिस्टम्स और पाइन लैब्स जैसी अन्य वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया और ये नुकसान के साथ बंद हुए।

जीटीआरआई की प्रतिक्रिया

इस बीच, आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने इस मामले पर अपनी राय रखते हुए सुझाव दिया है कि सरकार को इस प्रस्तावित शुल्क को पूरी तरह से वापस ले लेना चाहिए। संस्थान का मानना है कि देश में डिजिटल भुगतान प्रणाली को व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए पूरी तरह से मुफ्त रखा जाना चाहिए ताकि डिजिटल लेनदेन को और अधिक बढ़ावा मिल सके।