आध्यात्मिक गुरु कल्कि भगवान का चेन्नई में 77 वर्ष की आयु में निधन
प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और ओनेनेस संगठन के संस्थापक कल्कि भगवान का मंगलवार को चेन्नई के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की पुष्टि एकात्म ट्रस्ट के प्रवक्ता द्वारा की गई है।

चेन्नई में चल रहा था इलाज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कल्कि भगवान पिछले 10 दिनों से चेन्नई के एक अस्पताल में चिकित्सा देखरेख में थे। मंगलवार दोपहर को उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल में उनके निधन के समय उनके पुत्र कृष्णजी और आश्रम के कई शिष्य व प्रतिनिधि मौजूद थे।
अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार
उनका पार्थिव शरीर आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के वरदैयापालेम मंडल के अंतर्गत बटुलवल्लम स्थित एकात्म मंदिर (गोल्डन सिटी) में सार्वजनिक दर्शन के लिए लाया गया है। मंदिर परिसर में ही शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा और वहीं उनकी समाधि बनाई जाएगी।

विजय कुमार से कल्कि भगवान बनने का सफर
मूल रूप से विजय कुमार के रूप में जन्मे कल्कि भगवान ने अपने जीवन के शुरुआती दौर में एलआईसी एजेंट और शिक्षक के रूप में काम किया था। वर्ष 1992 में उन्होंने खुद को कल्कि का अवतार बताते हुए आध्यात्मिक क्षेत्र में कदम रखा। उन्होंने अपनी पत्नी अम्मा भगवान के साथ मिलकर दुनिया भर में कई आध्यात्मिक कार्यक्रमों का संचालन किया। उन्होंने ‘ओनेनेस’ नामक संगठन की स्थापना की थी, जिसका मुख्यालय तिरुपति के वरदैयापालेम में स्थित है। उनके अनुयायी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।
