बांस से बने रेलवे इंजन का मॉडल नेपाल के संग्रहालय में होगा प्रदर्शित
पश्चिम बंगाल के चंद्रनगर के रहने वाले एक प्रसिद्ध कलाकार ने बांस की मदद से अद्भुत रेलवे इंजन का मॉडल तैयार किया है, जिसे नेपाल के राष्ट्रीय रेलवे संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा। इस मॉडल को विशेष रूप से बांस की पट्टियों को तराशकर और बिना किसी धातु के इस्तेमाल के जोड़ा गया है। इस अनोखी कलाकृति को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिल रही है।

बांस से तैयार होते हैं अनूठे मॉडल
कलाकार गणेश भट्टाचार्य अपनी इस कला के लिए असम से विशेष प्रकार का बांस मंगवाते हैं। अपने हुनर और धारदार औजारों की मदद से वे बांस की पतली पट्टियों को ट्रेन के विभिन्न हिस्सों का आकार देते हैं और उन्हें गोंद से जोड़ते हैं। उनका यह काम केवल ट्रेनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने हावड़ा ब्रिज और विक्टोरिया मेमोरियल जैसी ऐतिहासिक इमारतों के लघु मॉडल भी बनाए हैं। एक मॉडल को तैयार करने में उन्हें आमतौर पर एक से दो महीने का समय लगता है।
रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज हुआ नाम
उनकी उत्कृष्ट कलाकृति, विशेषकर बांस से बने WDP-4 डीजल लोकोमोटिव मॉडल को हाल ही में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। इस 22 इंच लंबे, 4.5 इंच चौड़े और 9 इंच ऊंचे मॉडल को सबसे छोटे हस्तनिर्मित WDP-4 मॉडल के रूप में मान्यता मिली है। इसके लिए उन्हें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से जोड़ा जा चुका है, और उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए भी आवेदन किया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी
अपनी इस कला को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए कलाकार ने कई देशों के संग्रहालयों से संपर्क किया है। नेपाल के अलावा उनकी योजना आगामी वर्षों में केन्या और नामीबिया के संग्रहालयों में भी अपने मॉडल भेजने की है। उनका मानना है कि उनका मुख्य उद्देश्य केवल धन कमाना नहीं, बल्कि अपनी इस पारंपरिक कला को पूरी दुनिया तक पहुंचाना है ताकि देश की कला का मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ सके।
